‘अब भारत तय करेगा दुनिया की सुरक्षा का एजेंडा!’ पीएम मोदी का हुंकार— भारतीय हथियारों के मुरीद हुए अमेरिका, इजराइल और खाड़ी देश, रक्षा निर्यात में रचा इतिहास!

पश्चिम एशिया में भड़के भीषण युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत ने दुनिया के सामने अपनी लोहा मनवाने वाली रक्षा और कूटनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया है। 26 जुलाई 2026 को कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट और आक्रामक लहजे में दुनिया को संदेश दिया कि भारत अब केवल रक्षा सामग्रियों का आयातक नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे भरोसेमंद वैश्विक रक्षा साझेदार (Trusted Global Defence Partner) बन चुका है।
पीएम मोदी ने भारत की स्वदेशी सैन्य शक्ति के बढ़ते पराक्रम का ब्योरा देते हुए बताया कि भारतीय नौसेना में शामिल किया गया अत्याधुनिक युद्धपोत ‘आईएनएस महेंद्रगिरि’ (INS Mahendragiri) 75% से अधिक स्वदेशी सामग्रियों से निर्मित है। इसके अलावा, डीआरडीओ (DRDO) द्वारा पिनाका लॉन्ग-रेंज गाइडेड रॉकेट और घातक ‘कुशा’ (Kusha) मिसाइल प्रणाली के सफल परीक्षणों ने भारत की वायु रक्षा और सटीक प्रहार क्षमता को नए शिखर पर पहुंचा दिया है।
पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच जहां वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं चरमरा गई हैं, वहीं भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता ने देश को एक अभेद्य किला बना दिया है। पीएम मोदी ने खुलासा किया कि इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस (BrahMos) और अस्त्र (Astra) मिसाइलों का ऐतिहासिक समझौता भारत के रक्षा निर्यात का नया मानदंड स्थापित कर रहा है। वैश्विक शक्तियों—चाहे अमेरिका हो, इजराइल हो या खाड़ी के देश—सभी को अब यह समझ आ चुका है कि हिंद महासागर से लेकर पश्चिम एशिया तक भारत के बिना कोई भी सुरक्षा ढांचा अधूरा है।
भारत की रणनीतिक कूटनीति का ही परिणाम है कि अमेरिका और इजराइल जैसे देश भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी और रणनीतिक स्थिति को अत्यंत सम्मान की दृष्टि से देख रहे हैं। जापान के साथ भारत की हालिया ऐतिहासिक रक्षा और आर्थिक सुरक्षा साझेदारी, जिसमें जापानी नौसेना की स्टेल्थ एंटीना तकनीक का भारत को ट्रांसफर शामिल है, इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक सुरक्षा का नया केंद्र बिंदु बन रहा है।
कारगिल के वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। चाहे पाकिस्तान के साथ केवल पीओके (PoK) पर बात करने की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दोटूक चेतावनी हो या हिंद महासागर में भारतीय नौसेना का बढ़ता दबदबा, भारत ने साफ कर दिया है कि उसकी ओर आंख उठाने वाली किसी भी ताकत को कुचल दिया जाएगा।

