मिसाइल दागी तो नक्शे से मिटा देंगे!’ अमेरिका पर ईरान के दुस्साहसिक हमले के बाद ट्रम्प की गर्जना, मिडल ईस्ट में तबाही की घंटी

पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिम एशिया का युद्धक्षेत्र एक बार फिर भीषण बारूदी आग की लपटों में घिर गया है। विराम और शांति वार्ता की धुंधली उम्मीदों को पूरी तरह चकनाचूर करते हुए ईरान ने मंगलवार (28 जुलाई) को अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर सीधे महाशक्ति को चुनौती दे डाली। इस हमले के बाद अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर आ गया है। यद्यपि अमेरिकी वायु रक्षा प्रणालियों ने ईरान की तमाम मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है, लेकिन इस दुस्साहस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सब्र का बांध तोड़ दिया है। ट्रम्प ने वॉशिंगटन से बेहद आक्रामक लहजे में तेहरान को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अगर ईरान तुरंत बातचीत की टेबल पर नहीं आता, तो अगला हमला उसकी कल्पना से भी परे और विध्वंसकारी होगा।
पेंटागन के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, बीते तीन दिनों से जारी अस्थायी चुप्पी को तोड़ते हुए ईरान ने यह हमला तब किया जब वॉशिंगटन और तेहरान के मध्य बैकचैनल वार्ता की खबरें हवा में तैर रही थीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए साफ शब्दों में कहा, “हम शांत बैठे हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि हमारे हाथ बंधे हैं। अगर कूटनीति नाकाम होती है, तो हमारे पास ऐसा घातक सैन्य बल तैनात है जो सेकेंडों में सब कुछ खाक कर सकता है।” ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में अपनी मंशा जगजाहिर करते हुए चेतावनी दी कि यदि तेहरान ने अड़ियल रुख नहीं छोड़ा तो अमेरिका ईरान के सबसे अभेद्य भूमिगत ठिकाने ‘पिकैक्स माउंटेन’ (Pickaxe Mountain) के साथ-साथ उसके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों, प्रमुख पुलों और पावर प्लांटों को पलक झपकते ही मलबे में तब्दील कर देगा।
सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि इस मिसाइल हमले के बाद अमेरिकी थल और वायु सेना तेहरान पर अब तक का सबसे बड़ा और अंतिम प्रहार करने की रूपरेखा तैयार कर चुकी है। फारस की खाड़ी में अमेरिकी युद्धपोतों ने अपनी मिसाइलों की दिशा ईरान के परमाणु और मिसाइल केंद्रों की तरफ मोड़ दी है। वहीं दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी पलटवार की कसम खाते हुए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में सैन्य गतिविधि बेहद तेज कर दी है। पूरे क्षेत्र में युद्ध की लपटें भड़क उठी हैं और विश्व भर के शेयर बाजारों तथा क्रूड ऑयल बाजारों में भारी हड़कंप मच गया है। अमेरिका ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह किसी भी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है और यदि ईरान ने अपनी आक्रामक चालें बंद नहीं कीं, तो इसका नतीजा पूरे ईरानी तंत्र के पूर्ण विनाश के रूप में सामने आएगा।


