दिल्ली में विदेशी मेहमानों के सामने झुग्गियों पर फिरा पर्दा! वीआईपी दौरों के बीच गरीबों की झोपड़ियों को ढकने पर बवाल

राजधानी दिल्ली में चल रहे हाई-प्रोफाइल वैश्विक आयोजन के दौरान फिर से देश की कड़वी सच्चाई को छिपाने का गंदा खेल खेला गया है। वसंत विहार इलाके में नेल्सन मंडेला मार्ग और मुनीरका मार्ग के पास मौजूद कई झुग्गी-झोपड़ियों को रातों-रात बड़े-बड़े सफेद और बैंगनी बैनरों से पूरी तरह ढका गया है।
तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया और सियासी गलियारों में आग लग गई है। विदेशी मेहमानों को भारत की गरीबी न दिखे, इसलिए प्रशासनिक तंत्र ने विकास का ढोल पीटने के बजाय गरीबों की बेबसी पर पर्दा डालना ज्यादा सही समझा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें बिन बताए और उनकी आवाज दबाकर उनकी बस्तियों को बैनरों के पीछे कैद कर दिया गया। यह पहली बार नहीं है जब किसी अंतरराष्ट्रीय बैठक के दौरान ऐसा हुआ हो, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी इस अमानवीय और दिखावटी कदम ने मानवाधिकारों और सरकार के खोखले दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं।
सिर्फ पर्दा डालकर गरीबी को छिपा देने से शहर और देश की असलियत नहीं बदल जाती। सत्ता में बैठे आकाओं को समझना होगा कि ये बैनर उनकी नाकामी को ढपने के बजाय उनकी नीयत का काला चेहरा पूरी दुनिया के सामने बेनकाब कर रहे हैं।




