ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन पर महाशक्तियों की रार, अमेरिका को दिखाया ठेंगा!

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले ही दिन वैश्विक राजनीति की भयंकर चिंगारियां देखने को मिली हैं। पश्चिमी देशों की तमाम चेतावनियों को दरकिनार करते हुए सर्वसम्मति से ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन’ पारित कर दिया गया है। इसमें असैन्य परमाणु ठिकानों पर हो रहे हमलों को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की गई है। इस प्रस्ताव ने पश्चिमी धड़े और वाशिंगटन के कूटनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है।
तमाम आंतरिक मतभेदों और यूएई-ईरान के बीच खींचतान के बावजूद भारत की अध्यक्षता में इस घोषणापत्र पर मुहर लगना एक बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है। घोषणापत्र में किसी देश का सीधा नाम लिए बिना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने वाले सैन्य अभियानों पर कड़ा हमला बोला गया है। इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि वैश्विक व्यवस्था का शक्ति संतुलन अब पश्चिमी गुट के हाथों से फिसलकर ब्रिक्स देशों के पाले में सरक रहा है।
पश्चिम की आंख में आंख डालकर दिया गया यह साझा बयान साफ संकेत है कि वैश्विक मंच पर अब पुरानी दादागीरी नहीं चलेगी।




