मिडिल ईस्ट में बारूद का ढेर: लाल सागर से फारस की खाड़ी तक अमेरिका-ईरान की नौसैनिक भिड़ंत, वॉशिंगटन की धमकियों को ईरान ने समुद्र में डुबोया!

मध्य पूर्व का पूरा इलाका इस समय एक विशालकाय बारूद के ढेर पर बैठा हुआ है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच सीधी नौसैनिक भिड़ंत ने तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है। बीते 24 घंटों के भीतर लाल सागर, अदन की खाड़ी और फारस की खाड़ी में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों के बीच भारी गतिरोध दर्ज किया गया है। वाशिंगटन द्वारा क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर चलाए जा रहे दबाव अभियानों को करारा जवाब देते हुए ईरान समर्थित ताकतों और ईरानी नौसेना ने अमेरिकी युद्धपोतों की घेराबंदी तेज कर दी है। पेंटागन के तमाम दावों और अमेरिकी राष्ट्रपति की नई सैन्य चेतावनियों के बावजूद ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक टुकड़ियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है।
प्राप्त ताजा जानकारियों के अनुसार, लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में ईरानी नौसेना के सहयोग से काम कर रही तटीय सुरक्षा प्रणालियों ने अमेरिकी हमलावर नौसैनिक बेड़े को आगे बढ़ने से रोक दिया है। अमेरिकी नौसेना के एक गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक के करीब से गुजरने वाली ईरानी हाइपरसोनिक मिसाइलों के परीक्षण ने अमरीकी कमान के होश उड़ा दिए हैं। वाशिंगटन का दावा था कि वह समुद्री व्यापारिक मार्गों को जबरन बहाल कराएगा, लेकिन समुद्र में ईरानी नौसेना के आक्रामक गश्त ने अमेरिका के इन मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
क्षेत्रीय कूटनीति में अमेरिका की असफलता अब खुलकर सामने आ चुकी है। खाड़ी के प्रमुख देश, जो अब तक अमेरिकी सैन्य छत्रछाया पर भरोसा करते थे, अब तेहरान की मिसाइल क्षमता को देखकर दहशत में हैं। कुवैत और अन्य खाड़ी राज्यों ने अपने हवाई क्षेत्रों का उपयोग अमेरिकी हमलावर जेट विमानों द्वारा किए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्हें डर है कि ईरान का जवाबी हमला उनकी ऊर्जा संरचनाओं को तबाही के कगार पर पहुंचा देगा। अमेरिकी रणनीति की इस विफलता ने वाशिंगटन को सैन्य मोर्चे पर पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है।
नौसैनिक मोर्चे पर ईरान की रणनीति बेहद सटीक और आक्रामक साबित हुई है। ईरान ने अपनी ‘असममित युद्ध कला’ (Asymmetrical Warfare) का प्रदर्शन करते हुए सैकड़ों की संख्या में मानवरहित आत्मघाती नौसैनिक नौकाओं (Unmanned Surface Vessels) को फारस की खाड़ी में उतार दिया है। यह एक ऐसा खतरा है जिसका मुकाबला करने में अमेरिकी नौसेना के महंगे और भारी-भरकम युद्धपोत भी अक्षम साबित हो रहे हैं। पेंटागन के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि ईरानी नौसेना के ये छोटे, तेज और घातक हथियार अमेरिकी जहाजों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा नासूर बन चुके हैं।
इसके अलावा, ईरान ने लाल सागर क्षेत्र में अपनी खुफिया निगरानी प्रणालियों को और अधिक मजबूत कर दिया है। अमेरिकी नौसेना द्वारा फारस की खाड़ी में गश्त बढ़ाए जाने के जवाब में ईरानी कमांडर-इन-चीफ ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर अमेरिकी नौसेना ने एक भी ईरानी तेल टैंकर या व्यापारिक जहाज को रोकने की कोशिश की, तो पूरे मध्य पूर्व में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर एक साथ सैकड़ों मिसाइलें दागी जाएंगी। ईरान का यह हमलावर अंदाज साबित करता है कि अमेरिका की तथाकथित ‘सुपरपावर’ वाली छवि को इस बार मध्य पूर्व के समुद्र में करारी शिकस्त मिली है और वाशिंगटन का सैन्य दबाव पूरी तरह से बेअसर हो चुका है।




