‘दहशतगर्दों का सफाया तय’: इजराइल ने सीजफायर धता बताकर दक्षिणी लेबनान पर बरसाए बम, हिजबुल्लाह के ठिकानों को किया जमींदोज
इजराइल-लेबनान भयंकर बमबारी

रोम में अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता का पूरी तरह से जनाजा निकालते हुए इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने दक्षिणी लेबनान पर कहर बनकर भीषण हवाई हमले किए हैं। इजराइल की वायुसेना ने फाइटर जेट्स से दक्षिणी लेबनान के मानसुरी और आसपास के तटीय कस्बों में हिजबुल्लाह के संदिग्ध ठिकानों, बंकरों और मिसाइल लॉन्चरों पर ताबड़तोड़ सटीक हमले (Precise Strikes) करके उन्हें पूरी तरह जमींदोज कर दिया। इजराइली रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि हिजबुल्लाह द्वारा संघर्षविराम का उल्लंघन किए जाने के जवाब में यह विनाशकारी कार्रवाई की गई है और आतंकवादी संगठनों को पनपने का कोई मौका नहीं दिया जाएगा।
इजराइली रक्षा बल (IDF) ने लेबनान के सीमावर्ती गांवों के निवासियों को तुरंत इलाका खाली करने की अंतिम चेतावनी जारी की है। लेबनान के आधिकारिक मीडिया के अनुसार, इजराइली बमबारी में हिजबुल्लाह के कई शीर्ष कमांडर मारे गए हैं और दर्जनों इमारतों के चिथड़े उड़ गए हैं। हमलों के बाद राजधानी बेरूत तक धमाकों की गूंज सुनाई दी और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा है कि ‘जब तक उत्तरी इजराइल के नागरिकों की सुरक्षित वापसी नहीं हो जाती और हिजबुल्लाह का पूरी तरह से खात्मा नहीं हो जाता, तब तक इजराइल अपने सैन्य अभियान को नहीं रोकेगा’।
रोम में चल रही राजनयिक वार्ता के बीच हुए इस अचानक और भीषण हमले से शांति प्रयासों को गहरा झटका लगा है। लेबनानी सरकार और संयुक्त राष्ट्र ने इजराइली कार्रवाई पर गहरा रोष व्यक्त किया है, लेकिन इजराइल ने साफ कर दिया है कि उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा से बढ़कर कोई शांति वार्ता नहीं हो सकती। इजराइली थल सेना ने भी सीमा पर अपनी बख्तरबंद ब्रिगेड और टैंक प्रभागों को अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर दिया है, जिससे लेबनान में एक बार फिर बड़े पैमाने पर जमीनी हमले की आशंका पैदा हो गई है।
जवाब में हिजबुल्लाह ने भी इजराइल के उत्तरी शहरों पर रॉकेटों की बौछार करने की धमकी दी है। संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता एजेंसियों के मुताबिक, इन ताजा हमलों के कारण लेबनान में अब तक 3 लाख 60 हजार से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं और पलायन करने पर मजबूर हैं। इजराइल का रुख बेहद आक्रामक है और उसने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं पर किसी भी ईरानी प्रॉक्सी संगठन की मौजूदगी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा, चाहे इसके लिए उसे रोम वार्ता को पूरी तरह से ठुकराना ही क्यों न पड़े।


