गाजा में फिर गरजा युद्ध का मोर्चा, युद्धविराम की कोशिशों के बीच इजरायल-हमास में टकराव

गाजा में युद्धविराम की कोशिशों के बीच संघर्ष का खतरा बना हुआ है। 17 अगस्त की रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूतों ने रविवार को काहिरा में मिस्र, कतर और तुर्की के मध्यस्थों से मुलाकात की। बातचीत का उद्देश्य गाजा के लिए अमेरिकी योजना को आगे बढ़ाना और युद्धविराम की दिशा में रास्ता निकालना है। इसी दौरान गाजा में इजरायली हमलों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के दामाद और विशेष दूत जेरेड कुशनर ने मिस्र में हमास के नए नेता से भी मुलाकात की। रिपोर्ट के मुताबिक यह बैठक गाजा योजना को आगे बढ़ाने के प्रयास का हिस्सा थी। इससे पहले हमास ने ट्रंप की योजना के अगले चरण का समर्थन करते हुए कहा था कि वह नए शासन निकाय को हथियार सौंपने पर सहमत है। हालांकि इजरायल की ओर से अमेरिकी समर्थित रोडमैप को लेकर आपत्ति बनी हुई है।
इस बीच आठ मुस्लिम बहुल देशों के विदेश मंत्रियों ने इजरायल द्वारा अमेरिकी समर्थित गाजा रोडमैप को अस्वीकार किए जाने की निंदा की है। इन देशों ने युद्ध समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने की मांग की है।
गाजा में इजरायली हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों से जुड़े कार्यालय की अगस्त की रिपोर्टों में गाजा की मानवीय स्थिति को लगातार गंभीर बताया गया है। रिपोर्ट में विस्थापन और नागरिकों के सामने मौजूद कठिन परिस्थितियों का उल्लेख है।
इस तरह एक तरफ युद्धविराम और राजनीतिक समाधान के लिए बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर हमलों और तनाव के कारण स्थायी शांति की कोशिशों के सामने चुनौती बनी हुई है।



