भारत के तिरंगे को ईरान से मिला सम्मान, तेहरान ने मोदी को दी बधाई; रिश्तों को और मजबूत करने का संदेश

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ईरान की ओर से आया संदेश दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। 16 अगस्त को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और भारत-ईरान के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को रेखांकित किया। ईरानी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और साझा हितों के आधार पर सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष ने क्षेत्रीय समीकरणों को बेहद जटिल बना दिया है। इसके बावजूद भारत ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखा है। नई दिल्ली के लिए ईरान के साथ संबंध केवल राजनीतिक संपर्क तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, ऊर्जा और व्यापार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं।
ईरान की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को सीधे बधाई और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की इच्छा का संदेश यह बताता है कि तेहरान भारत के साथ अपने रिश्तों को अलग महत्व देता है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध भी लंबे समय से चर्चा में रहे हैं।
भारत के लिए सबसे अहम बात यह है कि पश्चिम एशिया के युद्ध के बीच भी नई दिल्ली किसी एक खेमे में पूरी तरह बंधने के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर रिश्ते संभाल रही है। अमेरिका के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है, वहीं ईरान के साथ भी भारत अपने संपर्क को बनाए हुए है।
यही संतुलन भारत की विदेश नीति की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आ रहा है। एक तरफ अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ रक्षा, तकनीक और व्यापार में सहयोग है, तो दूसरी तरफ ईरान जैसे महत्वपूर्ण पश्चिम एशियाई देश के साथ संवाद कायम है।
ईरान के राष्ट्रपति का ताजा संदेश इसी व्यापक कूटनीतिक तस्वीर में देखा जा रहा है। भारत ने यह दिखाया है कि वैश्विक तनाव चाहे जितना बढ़े, नई दिल्ली अपने हितों और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता से समझौता नहीं करने वाली।




