टाउन हॉल में सजी छत्तीसगढ़ की गौरवगाथा, इतिहास से विकास तक दिखा अनोखा सफर

रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी लोगों और विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी देखने बड़ी संख्या में नागरिक और विद्यार्थी पहुंच रहे हैं। यहां छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, वीर सेनानियों के संघर्ष और बलिदान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा के साथ प्रदेश की विकास और सुशासन यात्रा को तस्वीरों और दस्तावेजों के जरिए प्रस्तुत किया गया है।
एआई तकनीक ने बढ़ाया आकर्षण
प्रदर्शनी में एआई तकनीक के जरिए छत्तीसगढ़ की विरासत और पर्यटन से जुड़ा अभिनव अनुभव लोगों को मिल रहा है। आगंतुक प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक विरासत के इस मेल को लेकर बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
प्रदर्शनी परिसर में छत्तीसगढ़ से संबंधित क्विज भी आयोजित की जा रही है। इसमें इतिहास, संस्कृति, परंपरा और पर्यटन से जुड़े सवालों के माध्यम से लोग अपने ज्ञान को परख रहे हैं। विद्यार्थियों और युवाओं में इस गतिविधि को लेकर विशेष उत्सुकता है।
तस्वीरों में दिखी आजादी के संघर्ष की कहानी
प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, ऐतिहासिक दस्तावेज और महत्वपूर्ण प्रसंग प्रदर्शित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान को प्रमुखता दी गई है। महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास और प्रदेश में हुए सामाजिक व राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े प्रसंग भी यहां प्रदर्शित हैं।
विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक तस्वीरों और दस्तावेजों को उत्सुकता से देखा। उनका कहना है कि पुस्तकों में पढ़े स्वतंत्रता संग्राम के प्रसंगों को वास्तविक तस्वीरों और ऐतिहासिक सामग्री के माध्यम से देखना प्रेरणादायी अनुभव है। इससे स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को समझने का अवसर मिला।
‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा
प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें इसकी रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रजागरण के प्रेरणादायी स्वर के रूप में इसकी भूमिका को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से दिखाया गया है।
यह खंड नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन में ‘वंदे मातरम्’ की भूमिका और राष्ट्रभावना जगाने वाले इसके प्रभाव से परिचित करा रहा है। विद्यार्थियों ने इस हिस्से में विशेष रुचि दिखाई।
आजादी से विकास तक छत्तीसगढ़ की तस्वीर
प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा के साथ छत्तीसगढ़ की वर्तमान विकास यात्रा को भी प्रमुखता दी गई है। महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पहलों की जानकारी तस्वीरों के माध्यम से दी गई है।
महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के सशक्तिकरण से जुड़ी उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया है। सुशासन तिहार, हरित छत्तीसगढ़, शिक्षा और अधोसंरचना विस्तार के साथ सड़क और रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश तथा रोजगार के अवसरों की झलक भी प्रदर्शनी में देखने को मिल रही है।
विद्यार्थियों ने बताया ज्ञानवर्धक अनुभव
प्रदर्शनी देखने पहुंचे विद्यार्थियों और शिक्षकों ने इसे सुंदर, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि यहां स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। शिक्षकों के अनुसार ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में देशभक्ति, इतिहास के प्रति रुचि और अपनी विरासत के प्रति गौरव की भावना विकसित करने में उपयोगी हैं।
वृत्तचित्र के जरिए विकास यात्रा की प्रस्तुति
प्रदर्शनी परिसर में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विशेष वृत्तचित्र भी दिखाया जा रहा है। इसके जरिए आगंतुक राज्य में हुए विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं के प्रभाव को दृश्य माध्यम से समझ रहे हैं।
21 अगस्त तक चलेगी प्रदर्शनी
कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में आयोजित यह प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी। स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा, छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों का योगदान, विकास यात्रा, एआई आधारित पर्यटन अनुभव और ज्ञानवर्धक क्विज को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया है।




