बांग्लादेश की भारत को खुली शर्त! हसीना को सौंपो, तभी दिल्ली आएंगे तारिक रहमान—रिश्तों में फिर विस्फोट

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में शेख हसीना का मुद्दा एक बार फिर सबसे बड़ा विवाद बन गया है। बांग्लादेश ने संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा के लिए पहले अनुकूल राजनयिक माहौल तैयार होना जरूरी है। इसके पीछे सबसे बड़ा मुद्दा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का भारत में रहना और ढाका की ओर से उनकी प्रत्यर्पण मांग है।
बांग्लादेश ने भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है। भारत ने इस मांग को स्वीकार या खारिज करने के बजाय कहा है कि अनुरोध की जांच की जा रही है। भारतीय पक्ष के अनुसार प्रत्यर्पण का अंतिम फैसला कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा। रिपोर्टों में भारतीय अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि इस मामले का अंतिम निर्णय अदालतों द्वारा किया जाएगा, न कि केवल राजनीतिक या राजनयिक स्तर पर।
ढाका की ओर से लगातार दबाव बढ़ाया जा रहा है। बांग्लादेश चाहता है कि भारत प्रत्यर्पण प्रक्रिया को आगे बढ़ाए, जबकि भारत कानूनी ढांचे के भीतर मामले को देख रहा है। यही अंतर दोनों देशों के बीच संबंधों को जटिल बना रहा है।
तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर भी यही विवाद सामने आया है। बांग्लादेशी पक्ष ने कहा है कि यात्रा के लिए बेहतर माहौल जरूरी है। इससे संकेत मिलता है कि शेख हसीना का मुद्दा अब सिर्फ न्यायिक या राजनीतिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि दोनों देशों के उच्चस्तरीय संबंधों को प्रभावित करने वाला विषय बन चुका है।
भारत के सामने चुनौती साफ है—एक तरफ पड़ोसी देश के साथ संबंध सुधारना, दूसरी तरफ प्रत्यर्पण मामले में अपनी कानूनी प्रक्रिया और निर्णय प्रणाली को बनाए रखना।



