पाकिस्तान में सत्ता का संकट गहराया, इमरान खान फिर जेल में; भारत की सुरक्षा पर भी टिकी नजर

पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अस्पताल ले जाने के बाद वापस जेल भेज दिया गया है। Reuters के मुताबिक उन्हें चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन फिट घोषित किए जाने के बाद उन्हें फिर जेल भेज दिया गया।
पाकिस्तान की राजनीति में इमरान खान का मुद्दा लगातार अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना हुआ है। उनकी पार्टी और समर्थक लंबे समय से उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर पाकिस्तान की मौजूदा सत्ता व्यवस्था उनके मामले में कठोर रुख बनाए हुए है।
इस घटनाक्रम पर भारत की सीधी नई प्रतिक्रिया 22 अगस्त को उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में सामने नहीं आई है। लेकिन पाकिस्तान की राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद, सीमा सुरक्षा और कश्मीर जैसे मुद्दों पर लंबे समय से तनाव रहा है। हाल के महीनों में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का दावा किया है। Reuters के अनुसार 17 अगस्त को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान से जुड़े 200 से ज्यादा कथित आतंक ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार करने और संभावित हमलों को विफल करने की जानकारी दी थी।
इससे साफ है कि पाकिस्तान की अंदरूनी राजनीति का असर केवल उसके घरेलू राजनीतिक समीकरणों तक सीमित नहीं है। वहां की सत्ता, सुरक्षा प्रतिष्ठान और आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े घटनाक्रम भारत की सुरक्षा नीति के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
इमरान खान की स्थिति और पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता आने वाले दिनों में क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर डाल सकती है। भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि पाकिस्तान के भीतर की उथल-पुथल सीमा पार सुरक्षा माहौल को किस दिशा में ले जाती है।
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