ईरान ने UAE के अमेरिकी एयरबेस पर ड्रोन से हमला किया, खाड़ी में तनाव और बढ़ा

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव सोमवार को एक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया। ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने संयुक्त अरब अमीरात स्थित अल मिनहाद एयर बेस पर ड्रोन हमला किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच हमले और जवाबी हमले तेज हो गए हैं।
रॉयटर्स के मुताबिक ईरान की सेना ने सोमवार तड़के UAE के अल मिनहाद एयर बेस को निशाना बनाने की बात कही है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सेना के बयान के हवाले से हमले की जानकारी दी। यह बेस लंबे समय से क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से जुड़ा रहा है।
इससे पहले अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप पर हमले किए थे, जिसके बाद ईरान की ओर से क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की कार्रवाई सामने आई है। इस संघर्ष का असर अब केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि खाड़ी के दूसरे देशों पर भी सुरक्षा दबाव बढ़ रहा है।
सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है। यह वैश्विक तेल आपूर्ति का बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने के कारण तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
ईरान-UAE घटनाक्रम ने खाड़ी संकट को और गंभीर बना दिया है। अगर हमले और जवाबी कार्रवाई जारी रहती है तो इसका असर तेल, वैश्विक बाजार और एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है।



