चीन की फैक्ट्री गतिविधि में सुधार, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अभी भी संकुचन में

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन से सोमवार को मिले आर्थिक संकेत मिले-जुले रहे। अगस्त में फैक्ट्री गतिविधि में सुधार जरूर हुआ, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अभी भी संकुचन की स्थिति में बना हुआ है।
अगस्त में चीन की फैक्ट्री गतिविधि में कुछ सुधार देखने को मिला। मजबूत मांग ने औद्योगिक गतिविधियों को सहारा दिया, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अभी भी contraction zone में रहा।
दूसरी ओर सर्विस सेक्टर के संकेत भी पूरी तरह मजबूत नहीं रहे। इससे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की रिकवरी को लेकर सवाल बने हुए हैं। चीन की आर्थिक स्थिति का असर केवल घरेलू बाजार पर नहीं बल्कि वैश्विक व्यापार, कमोडिटी बाजार और एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ता है।
चीन पहले से ही घरेलू मांग, रियल एस्टेट सेक्टर और वैश्विक व्यापार से जुड़े दबावों का सामना कर रहा है। ऐसे में फैक्ट्री गतिविधि में मामूली सुधार सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन लगातार संकुचन यह बताता है कि आर्थिक रिकवरी अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है।
एशियाई शेयर बाजारों पर भी सोमवार को दबाव देखा गया। अमेरिका-ईरान संघर्ष से तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर चिंता ने निवेशकों के जोखिम को बढ़ाया है।
चीन के आर्थिक आंकड़े वैश्विक बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। फैक्ट्री गतिविधि में सुधार उम्मीद जगाता है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग के संकुचन में बने रहने से आर्थिक रिकवरी को लेकर सावधानी बरकरार है।
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