शिक्षा के पवित्र मंदिर में दरिंदगी! जब स्कूल का हेडमास्टर ही बन जाए भक्षक, तो किस पर भरोसा करेगा देश?

स्कूल वह जगह है जहां माता-पिता अपने बच्चों को आंख मूंदकर इस विश्वास के साथ भेजते हैं कि वहां उनका भविष्य संवरेगा। लेकिन क्या हो जब उसी ज्ञान के मंदिर में बैठे रक्षक ही दरिंदे बन जाएं? बिहार से एक ऐसी ही झकझोर देने वाली खबर आई है जिसने पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान लगा दिया है।
बिहार पुलिस ने एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर और एक शिक्षक को पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर मासूम छात्रों के साथ जघन्य अपराध और यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है। सोचिए, जिनके हाथों में बच्चों के चरित्र निर्माण की जिम्मेदारी थी, वही उनकी मासूमियत को नोंच रहे थे। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य की उस महान भारतीय परंपरा के मुंह पर तमाचा है जिसे हम सदियों से पूजते आए हैं।
इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई काबिले तारीफ है, लेकिन असली न्याय तभी मिलेगा जब इन भक्षकों को सरेआम ऐसी सजा दी जाए कि भविष्य में कोई भी शिक्षा के मंदिर को अपवित्र करने की हिम्मत न जुटा सके। बच्चों की सुरक्षा पर कोई भी आंच बर्दाश्त नहीं की जा सकती।



