दिल्ली सत्य निकेतन हॉस्टल हादसा: मौत की इमारत और पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन

राजधानी दिल्ली में छात्रों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ करने वाले ‘हॉस्टल माफिया’ पर कानून का शिकंजा कस गया है। सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक हॉस्टल हादसे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चौथी गिरफ्तारी की है। दिल्ली का प्रशासन अब नींद से जागा है और बिना मानकों के चल रहे पीजी (PG) व हॉस्टलों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद जागा पुलिस प्रशासन ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां कर रहा है। आज सुबह इस मामले में लीज पर हॉस्टल चलाने वाले सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके साथ कुल गिरफ्तारियों की संख्या चार पहुंच चुकी है। महीने का 1 लाख रुपये किराया वसूलने वाले ये ठेकेदार सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर छात्रों की जान से सौदा कर रहे थे। इस भयावह घटना के बाद दिल्ली सरकार और एमसीडी (MCD) ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि बिना अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और फायर सेफ्टी के चलने वाले सभी पीजी तुरंत खाली कराए जाएं और अवैध ढांचों पर बुलडोजर चलाया जाए।
मासूम छात्रों से मोटा किराया वसूल कर उन्हें मौत के कुएं में ढकेलने वाले इन हॉस्टल मालिकों का असली चेहरा बेनकाब हो गया है। सरकार की यह सख्त कार्रवाई अगर जमीनी स्तर पर लागू होती है, तो कई अवैध हॉस्टल संचालकों की दुकानें हमेशा के लिए बंद हो जाएंगी।




