छत्तीसगढ़ न्यूज़ | Fourth Eye News

स्मार्ट मीटर के नाम पर महालूट! जनता की जेब पर डाका और सरकार-बिजली कंपनी की खामोशी से उठते संगीन सवाल

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर लगाने का काम जितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है, उससे कहीं ज्यादा तेजी से आम जनता का गुस्सा उबल रहा है! प्रदेश में बिजली बिलों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है और विपक्ष ने सीधे तौर पर मौजूदा व्यवस्था और सत्ता पक्ष पर हमला बोल दिया है। स्मार्ट मीटर लगते ही बिल दो से चार गुना तक उछल चुके हैं, जिसने सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़कर रख दी है। बिजली कंपनी अपनी सफाइयों के ढोल पीट रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जनता इस फर्जीवाड़े की आग में झुलस रही है।

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने जब इस मामले पर सरकार को घेरा और मुख्यमंत्री को कड़ा पत्र लिखा, तो मानो पूरे प्रदेश के सियासी गलियारों में भूचाल आ गया। स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली की खपत की सही जांच करने का दावा करने वाली कंपनियां आखिर क्यों बिलों के अचानक बढ़ जाने पर बगले झांक रही हैं? 4,800 परिसरों की जांच कर 100% सटीकता का झुनझुना थमाने वाली बिजली कंपनी यह भूल रही है कि जनता का सब्र अब जवाब दे चुका है। क्या स्मार्ट मीटर का यह खेल केवल निजी कंपनियों की तिजोरियां भरने का जरिया बन चुका है?

यह सीधे तौर पर राज्य के आम नागरिकों के अधिकारों और उनकी गाढ़ी कमाई पर डाका है। अगर समय रहते इस बेलगाम मीटर प्रणाली पर नकेल नहीं कसी गई और बढ़ी हुई दरों का हिसाब नहीं मांगा गया, तो यह आक्रोश जल्द ही सड़कों पर ऐसा जनसैलाब लाएगा जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर शासन-प्रशासन की होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button