देशभर में बैंकिंग सेवाओं का चक्का जाम: 5-डे वर्किंग की मांग पर भड़के कर्मचारी, आम जनता हलकान

11 सितंबर की सुबह से ही देश के बैंकिंग सेक्टर में हाहाकार मचा हुआ है। सरकार के अड़ियल रवैये से नाराज होकर लाखों बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने देशव्यापी हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) और विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के आह्वान पर सरकारी और निजी बैंकों के ताले नहीं खुले हैं।
कर्मचारियों का सीधा और उग्र विरोध इस बात पर है कि सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) पिछले कई महीनों से ‘सभी शनिवारों की छुट्टी (5-डे वर्क वीक)’ की लंबे समय से पेंडिंग मांग पर जानबूझकर कुंडली मारकर बैठे हैं। बैंक यूनियनों का कहना है कि वे हर हफ्ते 14 से 16 घंटे काम करने के लिए मजबूर हैं, लेकिन सरकार उनके वर्क-लाइफ बैलेंस को नजरअंदाज कर रही है। आज इस हड़ताल के चलते देशभर में चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और ब्रांच से जुड़े सारे काम ठप हो गए हैं, जिससे आम जनता को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
बैंक कर्मचारियों का यह आक्रामक प्रदर्शन सिर्फ एक छुट्टी की मांग नहीं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था में कर्मचारियों के हो रहे मानसिक शोषण के खिलाफ एक बगावत है। यूनियनों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार तुरंत उनकी मांगें नहीं मानती, तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन तालाबंदी में बदल जाएगी।




