अमेरिका का भारत-चीन पर शिकंजा कसने का दांव: 100% टैरिफ ठोकने के लिए अमेरिकी संसद में लाया गया नया कानून!

अमेरिकी संसद के गलियारों से उठी आग ने नई दिल्ली से लेकर बीजिंग तक खलबली मचा दी है। अमेरिकी कांग्रेस में एक ऐसा घातक संशोधन पेश कर दिया गया है जो सीधे भारत और चीन जैसी महाशक्तियों को घुटनों पर लाने की कोशिश है।
रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदकर अपनी अर्थव्यवस्था चमकाने वाले देशों पर अब वॉशिंगटन 100% टैरिफ का चाबुक चलाने की तैयारी कर चुका है। अमेरिकी सीनेट से भारी बहुमत से पारित ‘लिंडसे ग्राहम रूस एंड ईरान सैंक्शंस एक्ट’ के तहत अब प्रतिनिधियों ने भारतीय व्यापारिक हितों को सीधे निशाने पर ले लिया है। डेमोक्रेटिक कांग्रेसमैन स्टेनी होयर द्वारा लाए गए नए संशोधन में सीधे-सीधे भारत, चीन, तुर्की और यूएई का नाम शामिल किया गया है। अमेरिका का मानना है कि इन देशों का रूसी क्रूड ऑयल व्यापार ही पुतिन की जंग का आर्थिक ईंधन बन रहा है। अगर यह संशोधन पास होकर डोनाल्ड ट्रंप की मेज पर पहुंचता है, तो वैश्विक व्यापार में एक ऐसा भूचाल आएगा, जिसकी आंच से वैश्विक बाजार थर्रा उठेगा।
पश्चिमी देश अब भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और संप्रभु फैसलों को जबरन कुचलने पर आमादा दिख रहे हैं, लेकिन क्या भारत इस अमेरिकी दादागिरी के आगे झुकेगा या माकूल जवाब देगा, इस पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।



