देश की ताज़ा खबरें | Fourth Eye News

बोइंग के 737 MAX विमान में फिर तकनीकी संकट! लैंडिंग के वक्त पायलटों की बढ़ सकती है मुश्किल, FAA ने शुरू की जांच

अमेरिकी विमान निर्माता बोइंग के लिए एक बार फिर मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले 737 MAX विमान के नेविगेशन सिस्टम में सामने आई तकनीकी समस्या ने विमानन क्षेत्र में सुरक्षा और नए विमानों की डिलीवरी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला इतना गंभीर है कि अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने इसकी जांच के लिए समीक्षा बोर्ड गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बोइंग ने 27 सितंबर को सामने आई रिपोर्ट में स्वीकार किया कि उसके 737 MAX विमान के नेविगेशन सिस्टम में ऐसी सॉफ्टवेयर समस्या मिली है, जो लैंडिंग के दौरान पायलटों का काम बढ़ा सकती है। विशेष परिस्थितियों में जब विमान को लैंडिंग रोककर दोबारा ऊपर उठाना पड़ता है, तब ऑटोमेटेड फ्लाइट गाइडेंस सिस्टम अपेक्षाकृत सरल नियंत्रण मोड में जा सकता है।

इसका मतलब यह नहीं है कि विमान अनिवार्य रूप से दुर्घटनाग्रस्त होगा, लेकिन ऐसी स्थिति में पायलटों को अधिक मैनुअल नियंत्रण संभालना पड़ सकता है।

ये खबर भी पढ़ें

नई तकनीकी समस्या से क्या प्रभावित होगा?

FAA यह निर्धारित करने के लिए समीक्षा कर रहा है कि समस्या विमान की उड़ान सुरक्षा को किस स्तर तक प्रभावित कर सकती है। यदि नियामक इसे गंभीर सुरक्षा जोखिम मानता है, तो Boeing 737 MAX 10 के प्रमाणन में देरी हो सकती है। हाल ही में स्वीकृत MAX 7 के परिचालन कार्यक्रम पर भी असर पड़ सकता है।

कंपनी ने बताया कि उसने पहले ही विमान संचालकों को जानकारी दी थी और मौजूदा सुरक्षा प्रक्रियाओं को दोहराने के निर्देश दिए थे। स्थायी सॉफ्टवेयर समाधान को पहले 2028 तक लागू करने की योजना थी, लेकिन कंपनी अब इसे जल्द पूरा करने की कोशिश कर रही है।

निष्कर्ष

बोइंग के सामने अब दोहरी चुनौती है—तकनीकी समस्या का स्थायी समाधान और यात्रियों तथा विमानन नियामकों का भरोसा बनाए रखना। FAA की जांच के नतीजे तय करेंगे कि यह समस्या सीमित सॉफ्टवेयर सुधार तक रहेगी या नए विमानों के प्रमाणन और डिलीवरी पर बड़ा असर डालेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button