छात्रों की सुरक्षा और जेब पर नकेल! छत्तीसगढ़ में कोचिंग सेंटरों के लिए बनेगा सख्त कानून, मनमानी फीस ली तो लगेगा 5 लाख तक जुर्माना

Ensuring student safety and curbing excessive costs! Chhattisgarh to introduce strict laws for coaching centers; charging arbitrary fees could lead to fines of up to ₹5 lakh.
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छत्तीसगढ़ में अब मनमाने तरीके से कोचिंग सेंटर चलाना आसान नहीं होगा। राज्य सरकार विद्यार्थियों के भविष्य, सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने ‘छत्तीसगढ़ कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2026’ का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसका मुख्य मकसद कोचिंग संस्थानों में अनुशासन, गुणवत्ता और पारदर्शिता लाना है।

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को तनावमुक्त और सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही तय होने से विद्यार्थियों पर बेवजह का पढ़ाई का दबाव, मनमानी फीस और सुरक्षा संबंधी चिंताओं से राहत मिलेगी।

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विधेयक के मुख्य बिंदु:

  • अनिवार्य रजिस्ट्रेशन: 20 या उससे अधिक विद्यार्थियों वाले कोचिंग सेंटरों का पंजीयन अनिवार्य होगा, जिसकी वैधता 5 साल रहेगी।
  • फीस रिफंड व पारदर्शिता: यदि कोई छात्र बीच में कोर्स छोड़ता है तो उसकी फीस वापस करने का प्रावधान होगा।
  • मेंटल हेल्थ व हेल्पलाइन: विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलर, शिकायत निवारण प्रणाली और 24/7 हेल्पलाइन चालू की जाएगी।
  • कड़े नियम व जुर्माना: नियमों का उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में कोचिंग का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा।

विधेयक को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्राधिकरण और जिला स्तर पर कलेक्टर (जिला मजिस्ट्रेट) की अध्यक्षता में समितियां बनाई जाएंगी।

जनता से मांगे गए सुझाव: उच्च शिक्षा विभाग ने इस कानून को और अधिक मजबूत बनाने के लिए अभिभावकों, शिक्षाविदों और आम जनता से 7 दिनों के भीतर सुझाव मांगे हैं। विधेयक का ड्राफ्ट जल्द ही उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध होगा, जहाँ नागरिक अपनी राय दर्ज करा सकते हैं।

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