राष्ट्रीय पोषण माह एवं स्वास्थ्य-पोषण सेवा संगम के तहत छुईखदान परियोजना के ग्राम तुमड़ादाह में महिला एवं बाल विकास विभाग ने विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के परिवारों के लिए पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को कुपोषण से बचाना और गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ शिविर के माध्यम से 8 कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। वहीं, 3 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और एक बालिका का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। गर्भवती एवं शिशुवती माताओं की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें संतुलित आहार, नियमित जांच और समय पर उपचार कराने की सलाह दी गई।
इस दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने परिवारों को कुपोषण के लक्षण, बचाव के उपाय, बच्चों के पोषण और आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, पूरक पोषण आहार और मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के बारे में विस्तार से बताया गया। पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों तक स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जागरूकता पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, माताओं की उचित देखभाल और पौष्टिक भोजन कुपोषण से लड़ने के लिए बेहद जरूरी है।
विभाग का लक्ष्य है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे और जनभागीदारी से स्वस्थ एवं सुपोषित समाज का निर्माण हो।
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