कोण्डागांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहीं बिहान की एफपीसी, खेती और मुर्गीपालन से खुल रहे कमाई के नए रास्ते
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत कोण्डागांव जिले में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों (एफपीसी) के माध्यम से महिलाओं को कृषि, मुर्गीपालन और खाद-बीज व्यवसाय से जोड़कर रोजगार एवं आय के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस पहल से न केवल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ रही है, बल्कि गांवों में कृषि आधारित उद्यमों को भी नई मजबूती मिल रही है। खास बात यह है कि कृषि सखी और पशु सखी के लिए भी स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए रास्ते तैयार हो रहे हैं।
जिले में इस दिशा में उड़ान महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, चिखलपुटी और मांझीनगढ़ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, विश्रामपुरी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उड़ान महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से कोण्डागांव, माकड़ी और फरसगांव विकासखंड में कृषि, मुर्गीपालन तथा खाद-बीज से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके लिए एकीकृत फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) और उत्पादक समूहों को जोड़कर कृषि आधारित कार्यों का विस्तार किया जा रहा है।
वहीं मांझीनगढ़ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के अंतर्गत बड़ेराजपुर और केशकाल विकासखंड के आईएफसी एवं उत्पादक समूह कृषि, मुर्गीपालन और खाद-बीज संबंधी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
दोनों कंपनियों द्वारा खाद एवं बीज के लाइसेंस के माध्यम से संबंधित व्यवसायों का संचालन भी किया जा रहा है। इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा करने की सुविधा मिल रही है। साथ ही उत्पादक समूहों को संगठित होकर व्यवसाय करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
इस पूरी पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की आय के स्रोत बढ़ाना, कृषि एवं पशुपालन आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। बिहान मिशन के प्रयासों से कोण्डागांव की ग्रामीण महिलाएं अब केवल समूहों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृषि आधारित व्यवसायों में भी अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं।
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