कांकेर में हिंसा के बाद ‘घर वापसी’ की गूंज, 20 साल बाद परिवार लौटा मूल आस्था में

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में हालिया हिंसक घटनाओं के बीच एक बड़ा सामाजिक घटनाक्रम सामने आया है। यहां एक ईसाई परिवार ने करीब दो दशक बाद अपनी मूल आस्था में वापसी की है। इस परिवार के साथ 50 से अधिक लोगों ने भी हिंदू धर्म अपनाने का फैसला किया, जिससे पूरे इलाके में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
घर वापसी करने वालों का कहना है कि उनके धर्मांतरण के समय किसी तरह की आधिकारिक प्रक्रिया या दस्तावेज मौजूद नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक उन्हें अपनी पारंपरिक मान्यताओं और धार्मिक रीति-रिवाजों से दूर रखा गया।
परिजनों के अनुसार, ईसाई मिशनरियों द्वारा देवी-देवताओं की पूजा न करने की सलाह दी जाती थी और हिंदू आस्थाओं के प्रति नकारात्मक सोच विकसित की जाती थी। हालिया हिंसा के बाद जब हालात बिगड़े, तो कई परिवारों ने अपनी जड़ों की ओर लौटने का निर्णय लिया।
स्थानीय लोगों का मानना है कि बढ़ते धार्मिक तनाव और असुरक्षा की भावना ने इस फैसले को और मजबूत किया। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में सामाजिक और धार्मिक बहस का विषय बना हुआ है।




