देशबड़ी खबरें

अगरतला : बीएसफ कांस्टेबल ने तीन सहयोगियों को मार की आत्महत्या

अगरतला : बीओपी मगरुई में 55 बटालियन के एक बीएसएफ कांस्टेबल ने अपने तीन सहयोगियों को मौत के घाट उतार दिया. साथ ही उसने खुद भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली. कांस्टेबल ने इस दौरान अपनी सर्विस रिवॉल्वर का इस्तेमाल किया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता करने की कोशिश की जा रही है कि कांस्टेबल ने इस घटना को अंजाम क्यों दिया.

कांस्टेबल ने इस दौरान अपनी सर्विस रिवॉल्वर का इस्तेमाल किया है

बता दें कि कांस्टेबल त्रिपुरा में बीओपी मगरुई में 55 बटालियन में तैनात था. पुलिस बटालियन के अन्य कांस्टेबलों से पूछताछ कर आपसी झगड़े या हत्या की वजहों का पता लगाने की कोशिश कर रही है. हालांकि इस घटना के बाद अन्य बीएसएफ कर्मी सकते में हैं.

2 ) नईदिल्ली : आपकी ट्रेन कैंसल हुई तो अपने आप मिलेगा रिफंड’

नई दिल्ली :  रेलवे ने घोषणा की है अगर कोई ट्रेन पहले स्टेशन (चलने की जगह) से अंतिम स्टेशन (पहुंचने की जगह) तक पूरी तरह से कैंसल हो जाती है तो टिकट अपने आप कैंसल हो जाएगा। ट्रेन के रद्द होने पर पीएनआर (पैसेंजर नेम रेकॉर्ड) भी खुद ही रद्द हो जाएगा और रिफंड भी उसी अकांउट में पहुंच जाएगा, जहां से पेमेंट की गई है।

तत्काल टिकट के नियम

पिछले कुछ महीनों से सरकार ने यात्रियों के टिकट लेने के अनुभव को आसान बनाने के लिए कई नए नियम बनाए हैं। इसके अलावा इमरजेंसी की हालत में तत्काल टिकट लेने वाले यात्रियों के लिए नए नियम बनाए गए हैं। लोगों को अपनी यात्रा के एक दिन पहले टिकट बुक कराने होंगे। एसी कोच के टिकट की बुकिंग 10 बजे से शुरू होगी, जबकि जनरल टिकट के लिए 11 बजे से बुकिंग शुरू होगी। अगर अपने तय समय से 3 घंटे तक ट्रेन नहीं चलती तो यात्री ट्रेन के किराए और तत्काल की चार्ज वापसी का दावा कर सकते है।

तत्काल टिकट लेने वाले यात्रियों के लिए नए नियम बनाए गए हैं

अगर ट्रेन का रूट डायवर्ट किया जाता है और यात्री को उस रूट से यात्रा करना पसंद नहीं है तो पैसेंजर पूरे रिफंड का दावा कर सकते हैं। अगर पैसेंजर को ट्रेन की लोअर क्लास में शिफ्ट किया जाता है और पैसेंजर को उस क्लास में यात्रा करना पसंद नहीं है तो वह पूरा रिफंड ले सकता है। अगर पैसेंजर लोअर क्लास में यात्रा के लिए तैयार हो जाता है तो उसे टिकट के किराए का अंतर का पैसा वापस कर दिया जाएगा।

ट्रेन छूटने से 24 घंटे पहले टिकट ट्रांसफर का अनुरोध

मार्च में रेलवे ने घोषणा की थी कि वह यात्रा करने में असमर्थ होने की हालत में अपने कंफर्म टिकट को अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर कर सकता है। रेलवे ने कंफर्म टिकट को ट्रांसफर करवे के संबंध में दिशा-निर्देश भी दिए है। जिस यात्री के नाम पर कोई सीट या बर्थ है, रेलवे प्रशासन ने यात्री के नाम बदलने की अनुमति महत्वपूर्ण स्टेशनों के चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर को दे दी है।

 

निर्देश के अनुसार यात्री अपने कंफर्म टिकट को अपने माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी या बच्चों को ट्रांसफर कर सकता है। इसके लिए उन्हें ट्रेन छूटने से 24 घंटे पहले लिखित अनुरोध करना होगा। अगर किसी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान का कोई छात्र अपने टिकट को ट्रांसफर करना चाहता है तो उसे अपने संस्थान के हेड की मंजूरी की जरूरत होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button