कांग्रेस के भीतर बगावत की आहट, राहुल गांधी पर अपने ही नेताओं के गंभीर आरोप

कांग्रेस पार्टी एक बार फिर अपने आंतरिक संकट को लेकर चर्चा में है। बीते कुछ वर्षों में कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद अब नेतृत्व पर ही सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर मुस्लिम समुदाय से जुड़े नेताओं के पार्टी से अलग होने को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे शकील अहमद और राशिद अल्वी ने पार्टी की कार्यशैली और राहुल गांधी के नेतृत्व पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
शकील अहमद ने कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र के अभाव का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी को अधिनायकवादी और गैर-लोकतांत्रिक करार दिया। उनका कहना है कि राहुल गांधी वरिष्ठ नेताओं की राय को महत्व नहीं देते, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। इस बयान के सामने आते ही सियासी गलियारों में हलचल मच गई।
मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी एक मजबूत कांग्रेस की बात तो करते हैं, लेकिन मजबूत कांग्रेसी उन्हें स्वीकार नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की बात तो करती है, लेकिन न तो पार्टी में और न ही व्यवहार में इसका पालन करती है। पूनावाला ने यहां तक कहा कि कांग्रेस के पतन की सबसे बड़ी वजह खुद राहुल गांधी हैं।
वहीं भाजपा नेता सीआर केसवन ने भी शकील अहमद के बयान को कांग्रेस की आंतरिक असुरक्षा का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सक्षम और काबिल नेताओं के साथ तालमेल नहीं बैठा पाते, इसी कारण पार्टी अंदर से टूट रही है और नेतृत्व संकट गहराता जा रहा है।




