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ईंधन स्विच पर सवाल, एयर इंडिया से ब्रिटिश एविएशन रेगुलेटर ने मांगा जवाब

एयर इंडिया का एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान ब्रिटिश नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAA) की जांच के घेरे में आ गया है। ब्रिटिश नियामक ने एयरलाइन से यह स्पष्ट करने को कहा है कि सुरक्षा जांच के लिए भारत में रोके गए विमान को संभावित तकनीकी आशंकाओं के बावजूद लंदन से उड़ान की अनुमति कैसे मिली।

मामला 2 फरवरी का है, जब उड़ान AI132 के संचालन के बाद पायलट ने बोइंग 787-8 विमान के ईंधन नियंत्रण स्विच में गड़बड़ी की रिपोर्ट दी थी। इसके बाद विमान के बेंगलुरु पहुंचते ही उसे जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया। ईंधन नियंत्रण स्विच विमान के इंजन तक ईंधन आपूर्ति को नियंत्रित करते हैं और इन्हें उड़ान सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।

ब्रिटेन के CAA ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एयर इंडिया को पत्र भेजा है और विस्तृत जानकारी मांगी है। चेतावनी दी गई है कि यदि एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एयर इंडिया और उसके ड्रीमलाइनर बेड़े पर नियामक कार्रवाई की जा सकती है।

इस मामले को और गंभीर इस कारण माना जा रहा है क्योंकि पिछले वर्ष गुजरात में हुए एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर हादसे की जांच में भी ईंधन स्विच से जुड़े पहलू सामने आए थे, जिसमें 250 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।

CAA ने एयर इंडिया से विमान की निरंतर उड़ान योग्यता सुनिश्चित करने के लिए किए गए रखरखाव कार्यों का पूरा विवरण, बेंगलुरु से दोबारा सेवा में शामिल करने से पहले अपनाई गई प्रक्रियाएं, मूल कारण विश्लेषण और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव की ठोस कार्ययोजना मांगी है।

एयर इंडिया का कहना है कि एहतियातन ईंधन स्विच की दोबारा जांच की गई, लेकिन कोई तकनीकी खराबी नहीं मिली। एयरलाइन ने भरोसा दिलाया है कि वह ब्रिटिश नियामक को समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक जवाब देगी। वहीं, भारतीय विमानन नियामक DGCA की प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि स्विच संचालन के दौरान मानक प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन नहीं हुआ, जिसके बाद उड़ान दलों को SOP के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए गए हैं।

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