बच्चों की सुरक्षा पर छत्तीसगढ़ का बड़ा अभियान: स्कूलों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक पहुंची जागरूकता मुहिम

छत्तीसगढ़ में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। राज्य बाल संरक्षण समिति के निर्देशन में रायपुर, बालोद और बेमेतरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को बाल संरक्षण कानूनों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
इस अभियान के तहत बच्चों, किशोर-किशोरियों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों को बाल हिंसा, शोषण, बाल तस्करी, ट्रैफिकिंग, बाल श्रम और साइबर अपराध जैसे गंभीर मुद्दों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और दत्तक ग्रहण नियमों सहित बच्चों के संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी गई।
रायपुर जिले में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की टीम ने विभिन्न समूहों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक किया। अभियान के दौरान मिशन वात्सल्य, मुख्यमंत्री बाल उदय योजना, बाल सक्षम नीति और बाल संरक्षण नीति जैसी योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
रायपुर के खुड़मुड़ी और छतौद स्थित शासकीय विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रम में 671 बच्चों और 16 शिक्षकों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को बाल अधिकार, गुड टच-बैड टच, साइबर क्राइम, पॉक्सो अधिनियम और बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया गया।
वहीं, बालोद के कोंघाटोला स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यहां 113 छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण या संकट की स्थिति में सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई गई।
अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि किसी बच्चे के संकट में होने या उसके अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिलाओं के लिए 181 और आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है। विभाग ने आमजन से बच्चों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहने और किसी भी संदिग्ध मामले की तत्काल सूचना देने की अपील की है।




