कलेक्टर एवं एसपी ने महिदपुर तहसील के विभिन्न ग्रामों में जाकर आइसोलेशन सेन्टर का निरीक्षण किया

सर्वे दल के सदस्यों से चर्चा की तथा निर्देश दिये कि संदिग्ध सर्दी-खांसी के मरीजों को दवाई देने चिकित्सा कर्मचारी ही जायें

उज्जैन -कलेक्टर आशीष सिंह, पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र कुमार शुक्ल एवं महिदपुर के विधायक बहादुरसिंह चौहान ने आज महिदपुर तहसील के ग्रामीण क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न पंचायतों में बनाये गये आइसोलेशन सेन्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने आइसोलेशन सेन्टर में रह रहे मरीजों से उनके उपचार के बारे में चर्चा की तथा जानकारी ली कि उन्हें इंफेक्शन कैसे हुआ।

कलेक्टर ने विभिन्न ग्राम पंचायत मुख्यालयों में सर्वेक्षण दल से भी चर्चा की तथा निर्देश दिये कि संदिग्ध सर्दी-खांसी के मरीजों को मेडिकल किट, उनके ऑक्सीजन सेचुरेशन व टेम्परेचर की जांच चिकित्सा विभाग का कर्मचारी या डॉक्टर घर जाकर अनिवार्य रूप से शत-प्रतिशत करे।कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं विधायक सबसे पहले महिदपुर तहसील के ग्राम आक्याजस्सा गये।

वहां पर ग्राम पंचायत में बनाये गये आइसोलेशन सेन्टर में भर्ती एक मरीज से उन्होंने चर्चा की। कलेक्टर ने निर्देश दिये कि सभी आइसोलेशन सेन्टर में टीवी, पंखे, बिस्तर, पलंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। साथ ही उन्होंने आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को पौष्टिक भोजन एवं उपचार की सुविधा सुनिश्चित करने के लिये कहा है। यहां उन्होंने सर्वे दल से चर्चा की।

दल ने जानकारी दी कि ग्रामों में संक्रमण घट रहा है नये सर्दी-जुकाम के मरीज कम मिल रहे हैं। यहां पर सर्वेक्षण दल ने बताया कि पहले जहां ग्राम पंचायत क्षेत्र में 20 से 22 संदिग्ध सर्दी-जुकाम के मरीज मिल रहे थे, अब यह संख्या घटकर दो-तीन ही रह गई है। कलेक्टर ने यहां के सरपंच को निर्देशित किया कि गांव में जनता कर्फ्यू का पालन कड़ाई से किया जाये।

कोई दुकान न खुले व जिनको भी जरूरत है उनको दवाई व अन्य चिकित्सा सुविधाएं दी जाये।मान, कथा, धार्मिक समारोह आयोजित न किये जाये कलेक्टर ने आक्याजस्सा के बाद खेड़ाखजुरिया ग्राम पंचायत के आइसोलेशन सेन्टर, इसके बाद ग्राम बैजनाथ व ग्राम सेमल्या के आइसोलेशन सेन्टर व ग्राम पंचायत महू के आइसोलेशन सेन्टर का निरीक्षण किया।

सभी स्थानों पर उन्होंने मरीजों से चर्चा की व सर्वेक्षण दलों से बात कर उनका हौसला बढ़ाया। कलेक्टर ने सर्वेक्षण दलों एवं मौजूद सरपंचों को कहा है कि गांव में किसी भी प्रकार के आयोजन जिसमें मान, कथा, विवाह, धार्मिक समारोह आदि शामिल हैं, का आयोजन न किया जाये। उन्होंने सभी सर्वे दलों से चर्चा में पूछा कि गांव में सर्दी-बुखार के मरीजों की स्थिति कैसी है।

सर्वेक्षण का कौन-सा चरण चल रहा है। सर्वे दलों द्वारा जानकारी दी गई कि फिलहाल संदिग्ध मरीजों की संख्या में कमी आई है व सर्वेक्षण का यह चौथा चरण चल रहा है। कलेक्टर ने कहा कि एक-एक संदिग्ध मरीज को डॉक्टर्स को देखना आवश्यक है और उन्हें समुचित उपचार मिले यह सुनिश्चित किया जाये।


पंचायतों के क्लस्टर मुख्यालय पर आइसोलेशन सेन्टर बनाये जाय निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित किया कि वे विभिन्न ग्राम पंचायतों में एक-एक दो-दो पॉजीटिव मरीजों को रखने के स्थान पर सात-आठ पंचायतों के क्लस्टर मुख्यालय पर एक अच्छा आइसोलेशन सेन्टर बनायें।

जहां पर पर्याप्त सुविधाएं जिनमें बिस्तर, पंखे, शुद्ध पेयजल, टीवी आदि हो, स्थापित किये जायें। इससे एक से अधिक कोरोना पॉजीटिव मरीजों को अपना क्वारेंटाईन टाईम व्यतीत करने में आसानी होगी। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अंकित अस्थाना, सीएमएचओ डॉ.महावीर खंडेलवाल, एसडीएम महिदपुर कैलाशचन्द्र ठाकुर, जनपद सीईओ प्रियंका टैगोर आदि मौजूद थे।

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