पेट्रोल-डीजल फिर महंगा: आम आदमी पर दूसरी चोट, विपक्ष ने सरकार को घेरा

19 मई 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी वृद्धि है। इससे पहले 15 मई को तेल कंपनियों ने कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। नई बढ़ोतरी के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और महंगाई को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों से परिवहन लागत, खाद्य वस्तुओं और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों पर असर पड़ेगा।
रिपोर्टों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह निर्णय लिया गया। तेल विपणन कंपनियों ने कई वर्षों तक कीमतों को स्थिर रखा था, लेकिन हाल के दिनों में संशोधन शुरू हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार ईंधन मूल्य वृद्धि से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है और आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
राजनीतिक स्तर पर इस फैसले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। विपक्ष इसे जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ाने वाला कदम बता रहा है, जबकि सरकार समर्थकों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण कीमतों में बदलाव अपरिहार्य है। आने वाले दिनों में परिवहन और बाजार दरों पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।




