डिजिटल धान खरीदी से बदली तस्वीर: किसान को मिला भरोसा, समय और बेहतर दाम

रायपुर। प्रदेश में धान उपार्जन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल और किसान हितैषी बनाने के लिए राज्य शासन ने इस वर्ष बड़े सुधार किए हैं। डिजिटल तकनीक, सुव्यवस्थित प्रबंधन और समयबद्ध प्रक्रिया का सीधा लाभ अब किसानों तक पहुंच रहा है। धान उपार्जन केंद्रों पर पहले की तुलना में न भीड़ है और न ही अनावश्यक परेशानियां।
सरगुजा जिले के ग्राम करजी के लघु सीमांत किसान सूरज राजवाड़े बताते हैं कि इस बार धान खरीदी का अनुभव पूरी तरह अलग और सकारात्मक रहा। उन्होंने “किसान तुहंर टोकन” मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे टोकन प्राप्त किया और समिति कार्यालय के चक्कर लगाने से बच गए। ऑनलाइन टोकन प्रणाली से समय की बचत हुई और प्रक्रिया भी आसान हो गई।
निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्र पहुंचते ही उन्हें गेट पास मिला। धान की नमी जांच, बारदाना उपलब्धता और तौल की प्रक्रिया बिना किसी देरी के पूरी कर ली गई। नई व्यवस्था के चलते धान विक्रय पूरी तरह सुचारु और व्यवस्थित नजर आया।
किसान सूरज राजवाड़े ने उपार्जन केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की भी सराहना की। पेयजल, छायादार बैठने की व्यवस्था और कर्मचारियों का सहयोगी रवैया किसानों के लिए राहतभरा साबित हुआ।
इस वर्ष धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल तय किया गया है और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी की जा रही है। किसानों का मानना है कि बेहतर मूल्य से खेती लाभकारी बनी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
किसानों में यह भरोसा बढ़ा है कि पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था से उन्हें सुरक्षा, सम्मान और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो रहा है।




