ई-सर्विस से बदली आबकारी व्यवस्था: पारदर्शिता बढ़ी, राजस्व में रिकॉर्ड उछाल

रायपुर। मजबूत व्यवस्था की नींव पारदर्शिता पर टिकी होती है। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने ई-सर्विस को अपनाकर कामकाज को पूरी तरह डिजिटल और तकनीक आधारित बना दिया है। अब बॉटलिंग से लेकर डिलीवरी तक हर चरण ऑनलाइन निगरानी में है, जिससे व्यवस्था अधिक सुरक्षित और जवाबदेह हुई है।
आबकारी विभाग के अनुसार ई-चालान, सिंगल विंडो लॉग-इन, यूजर रजिस्ट्रेशन, रियल टाइम कैश कलेक्शन, सेंट्रल वीडियो मॉनिटरिंग जैसे सिस्टम लागू किए गए हैं। इसके साथ ही एनओसी परमिट इश्यू, ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम, आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति और टोल-फ्री शिकायत सुविधा ने विभाग की कार्यक्षमता और भरोसे को नई ऊंचाई दी है।
इस पारदर्शी और तकनीकी व्यवस्था का सीधा असर भ्रष्टाचार नियंत्रण और राजस्व बढ़ोतरी के रूप में सामने आया है। चालू वित्तीय वर्ष में 12 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य की दिशा में बढ़ते हुए दिसंबर तक ही 10.50 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 7,851 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जा चुका है।
सरकार के सुशासन के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए आबकारी विभाग आधुनिक वीडियो कंट्रोल रूम, डिजिटल डैशबोर्ड, लाइव डेटा मॉनिटरिंग, QR कोड, GPS आधारित ट्रक ट्रैकिंग, बोतलों पर यूनिक कोड और डिजिटल डिलीवरी कन्फर्मेशन जैसी व्यवस्थाओं के जरिए एक सुव्यवस्थित और आधुनिक कार्यप्रवाह स्थापित कर रहा है।



