छत्तीसगढ़

कोरबा में आदिवासी विकास विभाग फिर पहुंची ईडी

रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू की करीबी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास के कोरबा ऑफिस पर ईडी की टीम ने फिर से धावा बोला है। यहां भी टीम डेढ़ घंटे से दस्तावेजों को खंगाल रही है। सहायक आयुक्त माया वारियर के भिलाई आवास में जाने की खबर है, लेकिन पुष्टि नहीं हुई है। पांच दिन पहले भी प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने आदिवासी विकास विभाग आयुक्त के दफ्तर में दबिश दी थी। बताया जा रहा है कि रायगढ़ की कलेक्टर रानू साहू जब पहले कोरबा में पदस्थ थीं तो उस दौरान दोनों अफसरों के बीच संबंध काफी मधुर थे। ऐसे में उनके कार्यकाल के दौरान की भी जांच की जा रही है।
रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू ईडी के छापे के दौरान बाहर थीं। लौटने के बाद उन्होंने जांच अधिकारी को जानकारी दी। इस दौरान ईडी ने उनके बंगले को सील कर दिया था। कलेक्टर रानू साहू के लौटने पर चार दिन पहले उनकी मौजूदगी में ही बंगले की तलाशी शुरू की गई। इसके साथ ही कलेक्टर परिसर स्थित खनिज विभाग में भी दस्तावेज खंगाले गए। इस दौरान कोरबा में भी टीम ने आदिवासी विकास विभाग आयुक्त के दफ्तर में भी दबिश दी थी। उनकी तैनाती के समय के दस्तावेज जांच की गई।
अभी तक चली कार्रवाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने 14 अक्तूबर को वसूली रैकेट का खुलासा किया था। ईडी ने बताया था कि जांच में राज्य में परिवहन किए गए प्रत्येक टन कोयले से 25 रुपये प्रति टन की अवैध वसूली की जा रही है। इस घोटाले में मुख्य सरगना सूर्यकांत तिवारी को बताया गया। इसके बाद से कारोबारी सूर्यकांत तिवारी फरार है। वहीं ईडी ने आईएएस समीर विश्नोई के मकान से चार किलो सोना, हीरा और कैश बरामद किया था। टीम अभी तक 4.5 करोड़ रुपए, सोने के आभूषण और करीब दो करोड़ रुपए मूल्य के अन्य सामान जब्त कर चुकी है।

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