राजधानी में एजुकेशन का हब विकसित,लेकिन ग्रेड बिलासपुर और भिलाई में ज्यादा

रायपुर 

राजधानी में एजुकेशन का हब विकसित हो चुका है। एनआइटी, ट्रिपल आइटी, आइआइएम, एम्स, हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी आदि में देश भर के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन रायपुर के कॉलेजों में गुणवत्ता की पोल खुल रही है। पिछले पांच साल के भीतर यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के 12 बी प्लान में भी सिर्फ एक विवि और 25 कॉलेज ही शामिल हो पाए हैं। इसके बाद लगभग सभी कॉलेजों में हालत खराब है।

राजधानी में टॉप कॉलेज की बात करें तो हाल ही में छत्तीसगढ़ कॉलेज को बी प्लस से घटकर बी ग्रेड हासिल हुआ है। इसी तरह साइंस कॉलेज बी ग्रेड, दुर्गा कॉलेज सी ग्रेड, महंत कॉलेज ने बी ग्रेड हासिल किया है। राजधानी में पं. रविशंकर शुक्ल विवि को छोड़कर किसी भी कॉलेज को अभी तक ए ग्रेड हासिल नहीं हो पाया है।

रायपुर में शिक्षक शिक्षा कॉलेज को बी प्लस प्लस ग्रेड हासिल हुआ है। इसके बाद कोई भी कॉलेज ग्रेडिंग में बेहतर नहीं है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) ने अभी तक जो भी ग्रेडिंग की है, उनमें ज्यादातर कॉलेज बी ग्रेड के ही निकले हैं।

विद्यार्थियों की डिग्री वैल्यू हो रही कमजोर

जिस कॉलेज की ग्रेडिंग बेहतर होती है वहां के विद्यार्थियों की डिग्री वैल्यु अधिक मानी जाती है। ऐसे संस्थान को यूजीसी या अन्य संस्थानों से बेहतर फंड भी मिलता है, लेकिन जिनकी ग्रेडिंग कमजोर होती है, वहां के विद्यार्थियों की ग्रेडिंग वैल्यू भी कम आंकी जाती है। इससे उनके एकेडमिक रिकार्ड में भी प्रभाव पड़ता है।

गौरतलब है कि किसी भी संस्थान, कॉलेज या विवि में नैक की टीम शैक्षणिक प्रक्रियाएं और उनके नतीजे, करिकुलम, अध्यापन और शिक्षण, मूल्यांकन प्रक्रिया, फैकल्टी, रिसर्च, बुनियादी ढांचा, संसाधन, संगठन, प्रशासन, वित्तीय स्थिति और छात्र सेवाओं के आधार पर संस्थान का मूल्यांकन करती है।

ग्रेडिंग कमजोर होने की वजह

– अभी तक कॉलेजों में रिक्त पदों के कारण नैक के हिसाब से सेटअप नहीं है।

लर्निंग के लिए डिजिटलीकरण और आइसीटी की व्यवस्था भी नहीं है

इनके आधार पर होता है संस्थानों का मूल्यांकन

नैक की तरफ से इसके लिए 1000 अंक निर्धारित किए गए हैं। इससे पहले वेरी गुड, गुड, संतोषप्रद असंतोषजनक इन चार कैटेगरी में शैक्षणिक संस्थानों को ग्रेड दिया जाता था। नए बदलाव में नैक ग्रेडिंग को यूजीसी ने काफी बेहतर बनाने का प्रयास किया है। इसमें सीधा या बी का सिस्टम नहीं है। नई प्रक्रिया में और बी के बीच इससे अधिक की भी प्रक्रिया है।

संस्थान सीजीपीए ग्रेड

गवमेंट पीजी ऑटोनामस कॉलेज भिलाई 3.58 ए प्लस

बीआइटी दुर्ग 3.15 ए

पीजी कॉलेज बिलासपुर 3.02 ए

बिलासा कॉलेज बिलासपुर 3.04 ए

राघुवेंद्र राव साइंस कॉलेज बिलासपुर 3.02 ए

पीजी आर्ट कॉलेज बिलासपुर 3.02 ए

डीपी विप्र कॉलेज बिलासपुर 3.01 ए

इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी इन एजु. 3.04 ए

श्रीशंकराचार्य टेक्निकल कैम्पस भिलाई 3.06 ए

ग्रेड संस्थानों की संख्या

ए प्लस प्लस कोई नहीं

ए प्लस 01 कॉलेज

ए ग्रेड 08 कॉलेज और 02 विविि

बी प्लस प्लस 04 कॉलेज

बी प्लस 14 कॉलेज और 01 विवि

बी ग्रेड 63 कॉलेज

सी ग्रेड 12 कॉलेज

पुराना ग्रेडिंग सिस्टम

सीजीपीए ग्रेड पर फॉरमेंस

3.01- 4.00 ए वेरी गुड

2.01-3.00 बी गुड

1.51-2.00 सी संतोषजनक

नया ग्रेडिंग सिस्टम

सीजीपीए ग्रेड स्टेटस

3.764. 00 एए++ एक्रिडिएटेड

3.51-3.75 ए+ एक्रिडिएटेड

3.01-3.50 ए एक्रिडिएटेड

2.76-3.00 बी ++ एक्रिडिएटेड

2.51-2.75 बी + एक्रिडिएटेड

2.01-2.50 बी एक्रिडिएटेड

1.51-2.00 सी एक्रिडिएटेड

1.50 के बराबर या कम पर ग्रेड डी एक्रडिएटेड।

धीरे-धीरे सुधार हो रहा है

यह बात सही है कि रायपुर में कॉलेज ए ग्रेड के नहीं हैं, एक विवि को ए ग्रेड मिला है। बाकी धीरे-धीरे सभी कॉलेजों की ग्रेड सुधरेगी। कम ग्रेड की वजह अभी तक कॉलेजों में रिक्त पद भी था, जिसकी भरपाई सरकार कर रही है। 

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