भारत के नाम से निकली फर्जी खबर, इजरायल-अमेरिका तक पहुंची! नेतन्याहू ने भी कर दिया इस्तेमाल, दुनिया में मचा हड़कंप

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक फर्जी सोशल मीडिया दावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद बन गया है। रिपोर्टों के अनुसार यह दावा एक भारतीय सोशल मीडिया अकाउंट से सामने आया और कुछ ही घंटों में इजरायल तथा अमेरिका के राजनीतिक और मीडिया हलकों तक पहुंच गया। बाद में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण में भी इस दावे का संदर्भ आया।
दावे में ईरान की कथित परमाणु गतिविधियों को लेकर ऐसी बात कही गई थी, जिसे बाद में सत्यापित जानकारी का आधार नहीं मिला। इसके बावजूद सोशल मीडिया के जरिए यह सामग्री तेजी से फैलती गई। रिपोर्ट के अनुसार इजरायली मीडिया से होते हुए यह दावा अमेरिकी राजनीतिक हलकों तक पहुंचा और इसने पहले से तनावपूर्ण ईरान-अमेरिका-इजरायल माहौल में नई सनसनी पैदा कर दी।
सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि एक अप्रमाणित सोशल मीडिया पोस्ट को अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में जगह मिल गई। इससे यह सवाल खड़ा हुआ कि युद्ध और परमाणु संकट जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सोशल मीडिया की अपुष्ट सामग्री किस तरह नीति और जनमत को प्रभावित कर सकती है।
भारत की प्रत्यक्ष सरकारी भूमिका इस फर्जी दावे में नहीं बताई गई है। मामला एक भारतीय सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़ा बताया गया है, न कि भारत सरकार के आधिकारिक बयान से। इसलिए इस घटना को भारत की आधिकारिक विदेश नीति के साथ जोड़ना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा।
यह घटनाक्रम भारत के लिए भी गंभीर चेतावनी है, क्योंकि भारतीय सोशल मीडिया से निकली सामग्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर पैदा किया। ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताते हुए परमाणु हथियार बनाने के इरादे से इनकार किया है।




