हाथी-मानव संघर्ष रोकने वन विभाग की नई पहल, हाथी मित्र दल को मिली बाइक और सुरक्षा किट

छत्तीसगढ़ में हाथी-मानव संघर्ष की घटनाओं को रोकने और जंगल से लगे इलाकों में लोगों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए वन विभाग ने मैदानी स्तर पर निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की पहल की है। इसके तहत हाथी मित्र दल यानी हाथी मितान के सदस्यों को मोटरसाइकिल और सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने, ग्रामीणों को समय रहते अलर्ट करने और संभावित टकराव की घटनाओं को रोकना है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कोरबा प्रवास के दौरान पुतका पहाड़ का निरीक्षण किया। इसके बाद कॉफी प्वाइंट में आयोजित कार्यक्रम में हाथी मित्र दल के सदस्यों को सुरक्षा उपकरण वितरित किए गए। मैदान में सक्रिय इन सदस्यों को काम के दौरान जरूरी संसाधन मिलने से वन्यजीवों की निगरानी और ग्रामीणों तक सूचना पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मंत्री कश्यप ने कहा कि हाथियों की गतिविधियों की लगातार निगरानी और ग्रामीणों को समय पर चेतावनी देना मानव-हाथी संघर्ष को कम करने में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हाथी वन पारिस्थितिकी तंत्र का अहम हिस्सा हैं। स्थानीय लोगों में जागरूकता बढ़ाने और वन विभाग के मैदानी अमले के साथ बेहतर समन्वय से संघर्ष की घटनाओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
इस दौरान मंत्री ने हाथी मित्र दल के सदस्यों से बातचीत कर उनकी मैदानी चुनौतियों और सुरक्षा संबंधी जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने सदस्यों को सतर्कता के साथ काम करने और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में गोपाल मोदी, जोगेश लांबा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वन विभाग की इस पहल से हाथी प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी तंत्र मजबूत होने और मानव-हाथी संघर्ष को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।



