होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका-ईरान तनाव से दहला वैश्विक बाजार; भारत आने वाले LNG टैंकर पर हमला, कच्चे तेल के दाम बढ़े

मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जिसका सीधा असर भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों का जवाब देते हुए ईरान के केशम द्वीप और बंदर अब्बास में कई हवाई हमले किए हैं। इस अमेरिकी कार्रवाई से ठीक पहले, कतर से भारत आ रहे एक एलएनजी (LNG) टैंकर को निशाना बनाया गया था। इस जहाज पर चार भारतीय चालक दल (क्रू मेंबर्स) भी सवार थे।
इस सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें अचानक 3% तक उछल गई हैं। अमेरिका ने इसके साथ ही ईरान को दिया गया जनरल लाइसेंस रद्द कर दिया है, जिससे ईरान के तेल उत्पादन और उसकी वैश्विक बिक्री पर पूरी तरह रोक लग गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय इस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत की ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। यदि यह गतिरोध लंबा खिंचता है, तो भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव बन सकता है।


