गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने की दिशा में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में आवास योजनाओं का असर दिखाई देने लगा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण और पीएम जनमन योजना के माध्यम से हजारों परिवारों का अपने पक्के घर का सपना पूरा हो रहा है। कभी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर परिवार अब सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर जरूरतमंद परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने की परिकल्पना और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रयासों से जिले में आवास निर्माण को गति मिली है। जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं की नियमित निगरानी और हितग्राहियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना से 47,019 परिवारों को मिला पक्का घर
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अब तक कुल 56,455 मकान स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 47,019 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए बड़ी राहत है।
वित्तीय वर्ष 2016-18 में स्वीकृत 10,797 आवासों में से 10,650 मकान पूरे किए गए। वहीं 2019-23 के दौरान स्वीकृत 16,811 आवासों में से 15,234 का निर्माण पूरा हुआ।
इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-26 में आवास निर्माण को नई गति मिली है। इस अवधि में 28,847 मकान स्वीकृत किए गए। इनमें 28,026 हितग्राहियों को पहली, 24,165 को दूसरी और 17,144 को तीसरी किस्त की राशि जारी की गई। इस अवधि में अब तक 21,115 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।
मुख्यमंत्री आवास योजना से भी मिल रहा जरूरतमंदों को सहारा
प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण भी जरूरतमंद परिवारों के लिए मददगार साबित हो रही है। जिले में इस योजना के तहत 423 आवास स्वीकृत किए गए हैं। सभी हितग्राहियों को पहली किस्त मिल चुकी है।
वहीं 298 हितग्राहियों को दूसरी, 249 को तीसरी और 235 को चौथी किस्त की राशि दी गई है। योजना के माध्यम से अब तक 249 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष आवासों को भी जल्द पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजातियों को मिला लाभ
विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित पीएम जनमन योजना का लाभ भी जिले के जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रहा है।
गौरेला विकासखंड में इस योजना के अंतर्गत 1,080 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 886 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। इससे दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को सुरक्षित आवास की सुविधा मिल रही है।
पक्का मकान मिलने से परिवारों के जीवन में आया बदलाव
पक्का मकान केवल रहने के लिए चारदीवारी और छत नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार है। पहले बरसात में छत टपकने, दीवारों में सीलन और मकान क्षतिग्रस्त होने की चिंता झेलने वाले परिवारों को अब इन परेशानियों से राहत मिल रही है।
पक्के घर से बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण, महिलाओं को सुरक्षित घरेलू परिवेश और बुजुर्गों को सुकून भरा जीवन मिल रहा है। अपना घर होने से परिवारों में आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति भरोसा भी बढ़ रहा है।
निर्माण कार्यों की निगरानी पर प्रशासन का जोर
जिले में आवास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन द्वारा निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। किस्तों के भुगतान, आधार सत्यापन, बैंक खातों से जुड़ी समस्याओं और तकनीकी दिक्कतों के समाधान पर ध्यान दिया जा रहा है।
अधिकारियों और मैदानी अमले के माध्यम से निर्माणाधीन मकानों की प्रगति पर नजर रखी जा रही है, ताकि स्वीकृत आवासों को निर्धारित समय में पूरा कराया जा सके।
गरीब परिवारों के सपनों को मिल रहा नया आशियाना
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में आवास योजनाओं के तहत हुई प्रगति ग्रामीण विकास की बदलती तस्वीर पेश कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के 47,019 पूर्ण मकान, मुख्यमंत्री आवास योजना के 249 और पीएम जनमन योजना के 886 पूर्ण आवास हजारों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाते हैं।
सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य केवल मकानों का निर्माण करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन का अवसर उपलब्ध कराना है। पक्की छत के नीचे सुरक्षित बचपन, बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन और परिवारों के चेहरे पर खुशहाली ही इन योजनाओं की वास्तविक सफलता है।
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