छत्तीसगढ़ में खरीफ की रफ्तार तेज: 80% रकबे में बोनी पूरी, किसानों को भरपूर खाद-बीज और ₹6931 करोड़ कृषि ऋण

छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन 2026 के दौरान खेती-किसानी पूरे जोर पर है। मानसून की अनुकूल बारिश के बीच प्रदेश में 28 जुलाई तक 39.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है, जो इस वर्ष निर्धारित 48.69 लाख हेक्टेयर लक्ष्य का लगभग 80 प्रतिशत है। धान के साथ-साथ मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल जैसी फसलों की बुआई तेजी से जारी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को किसानों को बिना किसी परेशानी के प्रमाणित खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही सहकारी समितियों में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने और इसकी लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग इस व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए है।
कृषि विभाग के अनुसार, अब तक किसानों को 9.95 लाख मीट्रिक टन उर्वरक और 4.38 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं। बीज वितरण अपने लक्ष्य का लगभग 88 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष की तुलना में इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, खरीफ सीजन के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके मुकाबले 14.95 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण पहले ही कर लिया गया है।
राज्य में 28 जुलाई की सुबह तक औसतन 447.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। अच्छी बारिश के कारण किसानों में खेती को लेकर उत्साह बना हुआ है और बोनी का रकबा लगातार बढ़ रहा है।
किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्पकालीन कृषि ऋण भी उपलब्ध करा रही है। 27 जुलाई तक 6931.51 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में वितरित 5691.72 करोड़ रुपये से अधिक है। राज्य सरकार ने इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रुपये का कृषि ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।



