मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: ईरान-इज़राइल टकराव ने दुनिया की चिंता बढ़ाई

मध्य पूर्व एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। 8 जून 2026 को ईरान और इज़राइल के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया जब दोनों देशों के बीच जवाबी सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से इज़राइल से संयम बरतने की अपील की थी, लेकिन इसके बावजूद इज़राइली सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों के जवाब में इज़राइल ने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। इसके बाद ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी संभावित लक्ष्य हो सकते हैं। इस घटनाक्रम ने पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा स्थिति को गंभीर बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं रह सकता। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विश्व अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। पहले से ही कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र और कई यूरोपीय देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। इस बीच दुनिया की निगाहें वाशिंगटन, तेहरान और तेल अवीव पर टिकी हुई हैं।




