इंडिगो संकट पर सरकार की सख्ती: हाई लेवल जांच, 24×7 मॉनिटरिंग और यात्रियों के लिए ताबड़तोड़ फैसले

इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें रद्द होने से देशभर के एयरपोर्टों पर मचे हंगामे के बीच केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पूरी स्थिति की हाई लेवल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
अब यह पता लगाया जाएगा कि चूक किस स्तर पर हुई, जिम्मेदार कौन है और भविष्य में ऐसा संकट दोबारा न उत्पन्न हो, इसके लिए क्या सुधार किए जाएं।
सरकार ने साफ कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी के तहत मंत्रालय ने 24×7 कंट्रोल रूम बनाकर हालात की निगरानी शुरू कर दी है और कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं—
011-24610843, 011-24693963, 096503-91859
यात्रियों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए एयरलाइंस को रियल-टाइम अपडेट देने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उड़ानों को जल्द से जल्द सामान्य करने को भी कहा गया है। उम्मीद है कि शनिवार से उड़ानें पटरी पर लौटना शुरू हो जाएंगी और अगले तीन दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो सकती है।
सरकार के प्रमुख निर्देश:
फ्लाइट कैंसिल होते ही यात्रियों को ऑटोमैटिक फुल रिफंड, किसी आवेदन की जरूरत नहीं।
बहुत देर तक फंसे यात्रियों के लिए होटल व्यवस्था एयरलाइंस करेंगी।
बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को स्पेशल प्राथमिकता, लाउंज एक्सेस और हर जरूरी मदद।
देरी वाली उड़ानों के यात्रियों को रिफ्रेशमेंट और बेसिक सुविधाएं।
दरअसल, नए वीकली रेस्ट नियमों के चलते इंडिगो को पायलटों की भारी कमी का सामना करना पड़ा, जिसके कारण चार दिनों में 1300 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता में सबसे ज्यादा अफरातफरी देखने को मिली। कई जगह यात्रियों ने एयरपोर्ट पर विरोध भी किया।
बढ़ते संकट के बाद DGCA ने अपना वीकली रेस्ट वाला आदेश वापस ले लिया है। मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार रात से स्थिति सामान्य होने लगेगी।




