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वनांचल तक पहुँचेगा इलाज: पीएम जनमन के तहत 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट रवाना

अब दूरस्थ और घने जंगलों में बसे आदिवासी इलाकों के लोगों को इलाज के लिए लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत नवा रायपुर से 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) तक नियमित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है।

इन मोबाइल मेडिकल यूनिटों के माध्यम से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों में स्वास्थ्य सुविधाएँ सीधे पहुँचेंगी। इससे करीब दो लाख से अधिक PVTG आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए यह व्यवस्था किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इलाज, जाँच और दवाइयों की सुविधा लोगों को उनके गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इसे आदिवासी समाज की सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम बताया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कुल आबादी में करीब ढाई लाख विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग 18 जिलों की 2100 बसाहटों में निवासरत हैं, जिनके लिए यह योजना विशेष रूप से लाभकारी होगी।

इन अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल यूनिटों में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। यहाँ 25 प्रकार की जाँच सुविधाएँ और 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएँगी। हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर लगाकर रोगों की जाँच, उपचार और दवा वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर भी किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के उस संकल्प को साकार करेगी, जिसके तहत सुदूर वनांचलों तक बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि पीएम जनमन योजना की शुरुआत 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए की गई थी, ताकि सुविधाएँ सीधे बसाहटों तक पहुँच सकें।

इस नई व्यवस्था से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी बीमारियों की समय पर पहचान और रोकथाम संभव होगी। पहले जहाँ संसाधनों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित नहीं पहुँच पाती थीं, अब नए वाहन और प्रशिक्षित स्टाफ के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी।

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