स्वच्छता और हरियाली में जशपुर की सरडीह पंचायत का राष्ट्रीय परचम, देश में हासिल किया तीसरा स्थान

जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत सरडीह ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार के तहत सरडीह पंचायत को “स्वच्छ एवं हरियाली ग्राम” श्रेणी में संयुक्त रूप से देशभर में तीसरा स्थान मिला है। इस उपलब्धि के लिए पंचायत को 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई है।
नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में सरपंच रामजी राम भगत और पंचायत सचिव ईश्वर प्रसाद यादव ने यह सम्मान प्राप्त किया। केंद्रीय पंचायती राज मंत्री एवं मत्स्य पालन, पशुपालन तथा डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने उन्हें पुरस्कार प्रदान किया। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, उप संचालक पंचायत कुसुम बड़ा, जनपद पंचायत बगीचा की अध्यक्ष गायत्री नागेश तथा एडीपीएम नवनीत कुमार साहू भी मौजूद रहे।
कलेक्टर रोहित व्यास ने इस उपलब्धि को जनभागीदारी, नवाचार और सतत विकास के प्रति ग्रामवासियों की प्रतिबद्धता का परिणाम बताते हुए सभी ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को बधाई दी। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने कहा कि सरडीह पंचायत ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है।
करीब 454 परिवारों वाले सरडीह गांव में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय भी निवास करता है। पंचायत ने सभी घरों में शौचालय उपयोग सुनिश्चित कर स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप दिया है। सामुदायिक शौचालयों का निर्माण, नियमित सफाई अभियान और जल संरक्षण के लिए सोखता गड्ढों के निर्माण से गांव की तस्वीर बदली है। इससे भू-जल स्तर में सुधार हुआ है और वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।
गांव में 109 घरों में सौर ऊर्जा आधारित पंप लगाए गए हैं, जिससे सिंचाई और घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो रहा है। किसान टमाटर, मिर्च, खीरा समेत विभिन्न उद्यानिकी फसलों की आधुनिक तकनीकों से खेती कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। वहीं पंचायत द्वारा स्थापित 12 सोलर स्ट्रीट लाइटें ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन में योगदान दे रही हैं।
समारोह के दौरान पंचायती राज मंत्रालय की पुस्तक “राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025” का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक में सरडीह पंचायत के स्वच्छता, जल संरक्षण, हरित विकास, नवीकरणीय ऊर्जा और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े नवाचारों को विशेष स्थान दिया गया है।
सरडीह पंचायत को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, स्वच्छताग्रहियों और प्रशासनिक अमले के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। यह उपलब्धि न केवल जशपुर जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गई है।


