शर्मनाक! छत्तीसगढ़ पुलिस की नाक के नीचे से 13 कैदी फरार, कानून व्यवस्था का तमाशा या निकम्मेपन की हद?

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग से सुरक्षा व्यवस्था को तार-तार करने वाली एक ऐसी खबर आई है, जिसने पूरे राज्य के पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अंबिकापुर के गांधीनगर स्थित सरकारी बाल प्रेक्षण गृह (Government Observation Home) से एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 13 अपचारी बालक (बाल कैदी) लोहे का पुराना दरवाजा तोड़कर रफूचक्कर हो गए। सबसे ज्यादा हैरान और आक्रोशित करने वाली बात यह है कि इसी जेल जैसी जगह से एक महीने के भीतर कैदियों के भागने की यह दूसरी बड़ी घटना है। यह कोई सामान्य चोरी-चकारी के आरोपी नहीं थे, बल्कि इनमें से कई मर्डर, रेप और डकैती जैसे जघन्य अपराधों में शामिल खूंखार अपराधी थे।
पुलिस की सुस्ती और जेल प्रशासन का निकम्मापन इस बात से साफ होता है कि पिछली बार 23 जून को खिड़की तोड़कर कैदी भागे थे। तब प्रशासन ने बड़ी-बड़ी बातें की थीं, लेकिन कोई सबक नहीं लिया। इस बार भी जैसे ही कैदियों ने रात का खाना खाया, वे आराम से जंग लगा दरवाजा उखाड़कर भाग खड़े हुए। हालांकि पुलिस दावा कर रही है कि उन्होंने दो को पकड़ लिया है, लेकिन बाकी 11 अभी भी खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं और समाज के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। क्या छत्तीसगढ़ का गृह विभाग सिर्फ कागजों पर अलर्ट रहता है? जब एक छोटी सी इमारत के दरवाजे-खिड़कियां दुरुस्त नहीं रखी जा सकतीं, तो राज्य की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। जनता अब सड़कों पर उतरकर लापरवाह अफसरों को सस्पेंड करने की मांग कर रही है।




