भारत का यूएनएससी में दबदबा: 4 यूरोपीय देशों का मिला करारा समर्थन, स्थायी सदस्यता की राह अब आसान!

वैश्विक मंच पर भारत की धकड़ और मजबूत कूटनीति के आगे दुनिया के ताकतवर देश नतमस्तक हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी को आज उस वक्त भारी बल मिला, जब यूरोप के 4 प्रमुख राष्ट्रों पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने आधिकारिक तौर पर भारत की स्थायी सीट का समर्थन किया है। यह विकास दिखाता है कि भारत अब वैश्विक फैसलों के केंद्र में है और दुनिया भारत के बिना सुरक्षा परिषद की कल्पना भी नहीं कर सकती।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में आज का दिन भारत के बढ़ते प्रभुत्व का जीता-जागता सबूत है। लंबे समय से यूएनएससी के विस्तार और भारत को वीटो पावर के साथ स्थायी सीट देने की मांग उठ रही है। वैश्विक राजनीति में पश्चिमी देशों के बीच भारत के प्रति जिस तरह का विश्वास बढ़ा है, उसने चीन और पाकिस्तान जैसे विरोधियों की नींद उड़ा दी है। भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर की आक्रामक और स्पष्ट कूटनीति के चलते दुनिया समझ चुकी है कि वैश्विक शांति और आर्थिक संतुलन बनाए रखने के लिए भारत का सुरक्षा परिषद में होना अनिवार्य है। चार बड़े यूरोपीय देशों का एक साथ भारत के समर्थन में आना भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय कद को साफ बयां करता है।
भारत सिर्फ अपनी दावेदारी पेश नहीं कर रहा है, बल्कि यह साबित कर चुका है कि वह वैश्विक संकटों में एक ज़िम्मेदार विश्व-बंधु की भूमिका निभाने में सक्षम है। चाहे रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच शांति की बात हो या वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज़ बनना, भारत की नीति हमेशा स्पष्ट और राष्ट्रहित सर्वोपरि रही है। अब वीटो शक्तियों को यह समझना ही होगा कि भारत को दूर रखकर वैश्विक फैसले नहीं लिए जा सकते।
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