प्रौद्योगिकी की दुनिया में अब भारत का एकाधिकार स्थापित होने जा रहा है। ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ के मंच पर आज दुनिया की दिग्गजों की नजरें टिकी हुई हैं। जहां चीन अपने रोबोटिक्स और एआई टेक के गिरते मूल्यांकन और रेगुलेटरी जांच से जूझ रहा है, वहीं भारत सेमीकंडक्टर निर्माण के नए वैश्विक केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है।
जापानी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भारत के IISc और ISRO के साथ मिलकर नई चिप और एआई तकनीक पर समझौता करने बेंगलुरु पहुंचा है।
भारत ने साफ कर दिया है कि वह अब सिर्फ सॉफ्टवेयर का उपभोक्ता नहीं, बल्कि दुनिया की पूरी टेक-इंडस्ट्री का हार्डवेयर इंजन बनेगा। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत का यह मास्टरस्ट्रोक चीन और पश्चिमी देशों के दबदबे को उखाड़ फेंकने के लिए काफी है।
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