‘140 करोड़ भारतीयों के सामने महाशक्तियों ने टेके घुटने’— इजराइल ने भारत को बताया नया बॉस, वाशिंगटन में रक्षा डील पर मोहर!

मध्य पूर्व की भीषण जंग और वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की कूटनीतिक और सैन्य धमक ने दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्तियों को अपने सामने झुकने पर मजबूर कर दिया है। पिछले 24 घंटों में वाशिंगटन और तेल अवीव से आई खबरों ने साबित कर दिया है कि भारत अब वैश्विक राजनीति का निर्विवाद बॉस बन चुका है।
पश्चिम एशिया के जारी भीषण महासंग्राम के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका से अपने मतभेदों के बीच भारत की सर्वोपरि ताकत का लोहा माना है। नेतन्याहू ने ऐतिहासिक बयान देते हुए कहा कि “इजराइल अब भारत जैसे मजबूत और भरोसेमंद साझेदार के साथ अपने नए वैश्विक गठजोड़ का निर्माण कर रहा है। 140 करोड़ भारतीयों का समर्थन इजराइल के लिए सबसे बड़ी ताकत है।” मध्य पूर्व में अमरीका के ढुलमुल रवैये के बाद अब इजराइल पूरी तरह भारत के रक्षा और रणनीतिक छत्रछाया की ओर रुख कर रहा है।
दूसरी तरफ, अमेरिका भी भारत के सैन्य दबदबे को सलाम करने पर मजबूर हो गया है। वाशिंगटन में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिकी सीनेटर और पूर्व नेवी सील कमांडर टिम शीही से हाई-प्रोफाइल मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच अत्याधुनिक रक्षा तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर निर्णायक रणनीति तैयार की गई। अमेरिकी वाणिज्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने भारतीय दूतावास (इंडिया हाउस) पहुंचकर भारत के साथ ‘सुरक्षित सप्लाई चेन’ और ‘हाई-टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप’ पर मुहर लगाई।
मिडिल ईस्ट में जंग के बीच भारत की तटस्थ लेकिन प्रचंड कूटनीति ने अमेरिका, इजराइल और ईरान—तीनों को यह संदेश दे दिया है कि भारत की मर्जी के बिना दुनिया का कोई भी नया रक्षा ढांचा खड़ा नहीं हो सकता।




