खेल जीवन का अभिन्न हिस्सा, सकारात्मक सोच से मिलती है जीत की राह

रायपुर। क्षेत्रीय खेल प्रतियोगिता के समापन अवसर पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक विकास में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, “जो खेलना जानता है, वही जीवन को भी सुंदर ढंग से जीना जानता है।”
विद्यालय में भारतीय संस्कृति और राष्ट्रप्रेम का संचार
13 से 15 अक्टूबर तक रायपुर के रोहणीपुरम में आयोजित इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर चयन के लिए बधाई दी गई। वर्मा ने कहा कि खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से विद्यालय, शहर और राज्य का नाम रौशन करें। वहीं, चयनित न हो पाने वाले विद्यार्थियों को निराश न होकर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने साझा किया कि वे स्वयं सरस्वती शिशु मंदिर में नहीं पढ़ पाए क्योंकि उनके गांव में केवल प्राथमिक शाला थी, परंतु उनके बच्चे इस विद्यालय से पढ़े हैं। यह विद्यालय राष्ट्रप्रेम, संस्कृति और राष्ट्रीयता की भावना को मजबूती से सिखाता है।
“मान लें तो हार है, ठान लें तो जीत है”
विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बनाए रखने का संदेश देते हुए वर्मा ने कहा, “हम जैसा सोचते हैं, वैसा ही बनते हैं। हारने से बुरा नहीं, लेकिन हारकर बैठ जाना सबसे बुरा है। एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता और एक हार से कोई भिखारी नहीं होता।”
अंत में उन्होंने प्रेरणास्पद पंक्तियाँ सुनाईं—
“लक्ष्य न ओझल होने पाए,
कदम मिलाकर चल,
मंज़िल तेरी पग चूमेगी,
आज नहीं तो कल।”
इस अवसर पर विद्यालय परिवार, शिक्षकगण, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




