जांजगीर-चांपा के 1.29 लाख विद्यार्थियों ने रंगों और शब्दों में सजाया ‘मेरे सपनों का भारत’

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित ‘मेरे सपनों का भारत’ पहल ने जांजगीर-चांपा जिले के विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं, विचारों और राष्ट्र निर्माण की सोच को सामने रखने का अवसर दिया। जिले के 1,206 विद्यालयों में आयोजित चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और अपने सपनों के भारत की तस्वीर रंगों व शब्दों के जरिए प्रस्तुत की।
चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों और रेखाओं के माध्यम से विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की कल्पना को आकार दिया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में विकसित भारत-2047, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत, नारी सशक्तिकरण, नशामुक्त भारत, शिक्षित भारत, डिजिटल साक्षरता, ई-गवर्नेंस, अंतरिक्ष और भारतीय संस्कृति जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने अपने विचार साझा किए।
जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार प्रतियोगिताओं में प्राथमिक स्तर के 56,248, पूर्व माध्यमिक स्तर के 37,798 और हाई एवं हायर सेकेंडरी स्तर के 35,789 विद्यार्थियों ने भागीदारी की। इस तरह कुल 1,29,835 विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और विचारों को मंच पर रखा।
कार्यक्रम में पालकों, नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता ने भी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। ‘मेरे सपनों का भारत’ पहल ने बच्चों को सिर्फ प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें यह सोचने का अवसर दिया कि वे भविष्य के भारत को किस रूप में देखना चाहते हैं।
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में आधुनिक और आत्मनिर्भर भारत के साथ सामाजिक जागरूकता, जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी की सोच भी दिखाई दी।



