रायगढ़ में 150 जोड़ों ने लिए सात फेरे, सामूहिक विवाह में दिखी सामाजिक समरसता

रायपुर। रायगढ़ जिले में शुक्रवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 150 नवदंपतियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ नए जीवन की शुरुआत की। पटेलपाली कृषि उपज मंडी सहित जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित इस कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, सादगी और पारिवारिक संस्कारों की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी शामिल हुए और नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। जिले के रायगढ़, खरसिया, बंजारी धाम, लैलूंगा और धरमजयगढ़ में आयोजित समारोहों में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विवाह स्थलों पर आकर्षक सजावट और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी।
समारोह को संबोधित करते हुए ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल विवाह आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता और दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ एक प्रभावी अभियान है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जिसमें 35 हजार रुपये सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं।
उन्होंने “रानी दुर्गावती योजना” का जिक्र करते हुए बताया कि बेटियों के जन्म पंजीयन के बाद 18 वर्ष पूर्ण होने पर शासन की ओर से डेढ़ लाख रुपये की सहायता राशि देने की योजना शुरू की जा रही है। इस पहल को बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान 45 नववधुओं को स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की गई। आयोजन में गायत्री परिवार, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रही।




