राज्य में विद्यार्थियों के खाते में अब ऑनलाइन छात्रवृत्ति का भुगतान

रायपुर। राज्य सरकार की नई पहल के तहत शैक्षणिक संस्थानों, आश्रम-छात्रावासों और तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के करीब 1.98 लाख विद्यार्थियों को अब छात्रवृत्ति सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की जा रही है।
आज मंत्रालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के बैंक खातों में 84.66 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शिष्यवृत्ति का वितरण किया गया। इस नए भुगतान तंत्र से विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता समय पर मिल सकेगी और उनके शैक्षणिक अध्ययन में मदद मिलेगी।
प्रमुख सचिव ने बताया कि प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति एवं शिष्यवृत्ति के भुगतान के लिए अब जून, सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में नियमित रूप से ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा। इससे पूर्व छात्रवृत्ति राशि वर्ष में एक बार दिसंबर या फरवरी-मार्च में दी जाती थी।
इस प्रणाली के तहत आश्रम-छात्रावासों के लगभग 1.86 लाख विद्यार्थियों को 79.27 करोड़ रुपये और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत 12,142 विद्यार्थियों को 5.38 करोड़ रुपये ऑनलाईन भुगतान किया गया।
पहली बार यह ऑनलाइन भुगतान इस वर्ष 10 जून को शुरू किया गया था, जब प्री-मैट्रिक छात्रावासों और आश्रमों को 77 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त और पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों के लिए 8.93 करोड़ रुपये की भोजन सहायता प्रदान की गई थी।
इस अवसर पर आदिम जाति विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, वित्त, राजस्व, स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति विकास, पर्यटन मंत्री एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




